अपर महाप्रबंधक श्री विनोद कुमार शुक्ल ने अपने सम्बोधन में कहा कि रेलवे का प्राथमिक दायित्व यात्रियों को सुरक्षित, सुगम, और सुखद यात्रा अनुभव प्रदान करना है। उन्होंने स्टेशनों पर मूलभूत यात्री सुविधाओं और परिचालनिक संरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दिए जाने पर जोर दिया।
श्री शुक्ल ने विशेष रुप से लखनऊ मण्डल में Arbitration, Land एवं स्थापना विषय से संबंधित न्यायालीन प्रकरणों की समीक्षा की। जिसमें उन्होंने संबंधित शाखाधिकारियों से लम्बित प्रकरणों की वर्तमान स्थिति एवं विभाग द्वारा आगामी कार्यवाही की अद्ययतन स्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया की वह विधि विभाग से समन्वय स्थापित कर केसों की मॉनिटरिंग करें। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि लम्बित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर उनके शीघ्र निस्तारण हेतु प्रभावी पैरवी एवं आवश्यक वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित करें।
बैठक के दौरान उन्होंने रेल मदद पोर्टल पर प्राप्त परिवादों की समीक्षा की तथा यात्री शिकायतों के मूल कारणों को दूर करने तथा उनकी पुनरावृत्ति को रोकने के लिए निवारक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके उपरान्त मण्डल रेल प्रबंधक महोदय ने मण्डल में कर्मचारी कल्याण क्षेत्र में रेल कर्मचारियों हेतु ‘भ्रमण कार्यक्रम’ तथा स्टेशनों पर दिव्यांग यात्रियों एवं रेलवे कार्यालयो में दिव्यांग कर्मचारियों के लिए किए गए विशेष प्रावधानों से अवगत कराया। उन्होंने मण्डल के पूर्ण रुप से महिला कर्मचारियों द्वारा संचालित दोनों स्टेशनों यथा लखनऊ सिटी तथा गोरखपुर स्थित डोमिनगढ़ स्टेशन की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी प्रदान की। उन्होंने रेल यात्रियों की सुविधा तथा पर्यावरण जागरुकता हेतु लखनऊ मण्डल के ऐशबाग जं0, गोरखपुर जं0, गोण्डा जं0 तथा लखनऊ जं0 पर स्थापित पर्यावरण निगरानी तंत्र की स्थापना एवं उसकी उपयोगिता के बारे में अवगत कराया।
इस अवसर पर लखनऊ मण्डल के समस्त शाखाधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
![]()
