कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं समाज को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और उन्हें पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रो. उमेश कुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरणीय संकट पूरी दुनिया के सामने गंभीर चुनौती बन चुका है। ऐसे में विश्वविद्यालय द्वारा विद्यालय स्तर पर जाकर बच्चों और युवाओं को जागरूक करना एक सराहनीय पहल है।
इसके अतिरिक्त डॉ. पुनीता पांडेय, डॉ. रोहित कुमार मिश्रा, डॉ. पवन कुमार झा, डॉ. कुमार सुरंजीत, डॉ. पंकज श्रीवास्तव, डॉ. जितेन्द्र, डॉ. अर्पणा पाण्डेय एवं डॉ. शशिकांत शुक्ला ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए और पर्यावरण जागरूकता को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विविध गतिविधियों का आयोजन हुआ, जिनमें प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, नाटक प्रदर्शन तथा जागरूकता रैली विशेष आकर्षण रहे। विद्यार्थियों ने अपने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से पर्यावरणीय समस्याओं और उनके समाधान को रचनात्मक रूप में प्रस्तुत किया। नाटक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया, वहीं रैली ने पूरे क्षेत्र में स्वच्छता और हरियाली का संदेश पहुँचाया।
इस अवसर पर विद्यालय परिसर में वृहद वृक्षारोपण किया गया, जिसमें शिक्षकों, विद्यार्थियों और अतिथियों ने मिलकर विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए। वृक्षारोपण के माध्यम से सभी ने हरित भविष्य का संदेश दिया और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
विद्यालय के प्रबंधक तीर्थराज विश्वकर्मा ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय और गयादीन विश्वकर्मा इण्टरमीडिएट कालेज का यह संयुक्त प्रयास विद्यार्थियों को न केवल शिक्षा के प्रति बल्कि पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के प्रति भी संवेदनशील बनाने की दिशा में सार्थक कदम है। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन लगातार होते रहेंगे।
इसके साथ ही विद्यालय के प्रबंधक ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों एवं शिक्षकों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में विद्यालय परिवार, शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और कार्यक्रम को सफल बनाया। अंत में सभी ने शपथ ली कि वे पर्यावरण संरक्षण के लिए जीवन में पर्यावरण के अनुकूल आदतें अपनाएँगे और समाज में भी इस संदेश को फैलाएँगे।
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