— डॉ. सत्यवान सौरभ — डॉ. प्रियंका सौरभ हिमालय केवल पर्वतों की शृंखला नहीं है; वह भारत की सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक परंपरा, प्राकृतिक संपदा और मानवीय संवेदनाओं का जीवंत प्रतीक है। इसकी ऊँची चोटियाँ मनुष्य को बड़े सपने देखने की प्रेरणा देती हैं, जबकि इसकी नदियाँ जीवन, निरंतरता और सभ्यताओं के विकास का संदेश देती हैं। इसी हिमालयी चेतना को साहित्य, कला, संस्कृति और वैश्विक संवाद से जोड़ने वाला तृतीय अंतरराष्ट्रीय ‘स्पर्श पर हिमालय’ 2026 महोत्सव उत्तराखंड के देहरादून स्थित लेखक गाँव, थानो में सहभागिता का यादगार अवसर बना। इस…
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