पूर्वाेत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल पर 28 सितंबर से 04 अक्टूबर,2026 तक कुल 577 अवशिष्ट क्लोरीन परीक्षण किया गया तथा 52 जल नमूनों का बैक्टीरियोलॉजिकल परीक्षण और 02 नमूनों का रासायनिक विश्लेषण राज्य सरकार की प्रयोगशाला में कराया गया। स्वास्थ्य निरीक्षकों द्वारा निर्धारित सैंपलिंग प्रोटोकॉल के तहत जल स्रोतों और वितरण बिंदुओं से नमूने लिए जा रहे हैं। जल टंकियों, वाटर कूलर, यूवी/आरओ सिस्टम, फिल्टर, वाटर टैप और पाइपलाइनों की नियमित सफाई, डिसइंफेक्शन और प्रिवेंटिव मेंटेनेंस भी किया जा रहा है। चिकित्सा और इंजीनियरिंग विभाग की टीमें निर्धारित समय-सारणी के अनुसार इनका निरीक्षण एवं अनुरक्षण कर रही हैं।
इसी प्रकार इज्जतनगर मंडल के काठगोदाम, इज्जतनगर, फर्रुखाबाद, कासगंज, बरेली सिटी, काशीपुर, पीलीभीत, मथुरा कैंट एवं फतेहगढ़ सहित 09 स्टेशनों तथा न्यू मॉडल कॉलोनी में कुल 45 अवशिष्ट क्लोरीन परीक्षण किये गये, सभी परीक्षण निर्धारित मानकों के अनुरूप पाये गये। साथ ही जीवाणु संर्वधन परीक्षण के लिये 05 जल नमूने लिये गये।
लखनऊ मंडल के 12 प्रमुख स्टेशनों तथा 04 कालोनियों से कुल 125 अवशिष्ट क्लोरीन परीक्षण किये गये तथा जीवाणु संर्वधन परीक्षण के लिए 03 नमूने लिए गएस
विभिन्न स्टेशनों तथा कॉलोनियों में पेयजल के क्लोरीन परीक्षण तथा जीवाणु संर्वधन परीक्षण नियमित किये जा रहे हैं। इज्जतनगर मंडल के स्टेशनों, कॉलोनियों, कोचिंग डिपो, चिकित्सालयों एवं स्वास्थ्य केंद्रों, रनिंग रूम, क्रू लॉबी तथा कार्यालयों में पानी की टंकियों, वाटर कूलर, वाटर फिल्टर, पाइप लाइनों एवं पंपिंग प्रणाली की जाँच निरंतर की जा रही है, जिससे यात्रियों तथा कर्मचारियों को शुद्ध व स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके।
रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों, कर्मचारियों एवं उनके परिवारों की सेहत एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रेलवे स्टेशनों, रेलवे कॉलोनियों, कार्यालयों एवं अन्य संबंधित स्थानों से पेयजल के नमूनों का व्यापक परीक्षण अभियान निरंतर चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत नियमित एवं विशेष जांच के माध्यम से पेयजल की गुणवत्ता की गहन जांच की जा रही है। प्रयोगशालाओं में जल के नमूनों का रासायनिक एवं जीवाणु संबंधी परीक्षण किया जा रहा है ताकि जल शुद्धता की निर्धारित मानकों के अनुरूप हो।
जल स्रोतों की नियमित सफाई, जल शोधन व्यवस्थाओं का निरंतर निरीक्षण तथा आवश्यकतानुसार त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। यात्रियों एवं कर्मचारियों को सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना रेलवे प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में से एक है। अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं तथा निगरानी व्यवस्था को और सशक्त किया गया है।
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