“इस परियोजना के तहत टीबीएम तकनीक का पहली बार पहाड़ी इलाकों में इस्तेमाल हुआ है। 9.11 मीटर व्यास वाली सिंगल-शील्ड रॉक टीबीएम ने जिस गति और सटीकता का प्रदर्शन किया, वह भारत के निर्माण क्षेत्र में एक नई मिसाल है।” – श्री अश्विनी वैष्णव, रेल मंत्री योगनगरी ऋषिकेश से तपोनगरी कर्णप्रयाग का सफर अब दो घंटे में ही पूरा होने वाला है। भारतीय रेल ने देवभूमि में ‘शिव’ और ‘शक्ति’ के वरदान से देश की सबसे लंबी रेलवे सुरंग के निर्माण में सफल ब्रेक थ्रू हासिल कर लिया है। 125…
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