विश्व बैंक टीम ने OCC-प्रयागराज का निरीक्षण किया और DFCCIL की हरित ऊर्जा पहलों की की प्रशंसा

आज एक उच्च स्तरीय विश्व बैंक टीम ने प्रयागराज स्थित ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर (OCC) का दौरा किया और पूर्वी समर्पित माल रैक मार्ग (EDFC) पर दिन-प्रतिदिन की ट्रेन संचालन गतिविधियों की समीक्षा की। टीम ने सतत विकास के प्रति DFCCIL के निरंतर प्रयासों, विशेषकर हरित ऊर्जा और पर्यावरणीय स्थिरता एवं उत्थान पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रशंसा व्यक्त की।
दौरे के मुख्य बिंदु: हरित ऊर्जा और स्थिरता पर जोर:
* EDFC पूरी तरह से विद्युतीकृत है, जिससे माल ढुलाई में कार्बन उत्सर्जन में महत्वपूर्ण कमी आई है। • EDFC के संचालन के बाद से वार्षिक कार्बन बचत (KG CO2/टन/किमी) इस प्रकार रही है:
2021-21 (19.375), 2021-22 (137.02), 2022-23 (436.232), 2023-24 (1419.645), 2024-25 (2346.39)।
* 31.03.2025 तक कुल EDFC ने 4358.662 KG CO2/टन/किमी कार्बन बचाई है।
* इस दौराने DFCCIL की पर्यावरण, सामाजिक और शासन (ESG) सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्धता को बल दिया गया, जो जिम्मेदार और समावेशी अवसंरचना विकास को बढ़ावा देता है।
टीम ने नवीनीकृत ऊर्जा एकीकरण को विशेष प्रोत्साहन दिए जाने की सराहना की, जिसमें EDFC के विभिन्न स्थानों पर भविष्य में स्थापित होने वाले सौर उद्यानों के कमीशनिंग के प्रयास शामिल हैं।
विश्व बैंक वित्तीय सहायता: पूर्वी DFC के प्रमुख वित्तपोषक के रूप में, विश्व बैंक ने परियोजना को कई वित्तीय चरणों में समर्थन दिया है:
* EDFC-1: (खुर्जा–कानपुर और खुर्जा–दादरी)
* EDFC-2: (कानपुर– डीडीयू)
* EDFC-3: (खुर्जा–लुधियाना)
• दीर्घकालिक प्रभाव के लिए ESG समावेशन: विश्व बैंक प्रतिनिधिमंडल ने ESG को नवीकरणीय ऊर्जा के साथ मिलाने को एक परिवर्तनकारी दृष्टिकोण बताया, जो निम्नलिखित चुनौतियों से निपटने में सहायक है:
* जलवायु परिवर्तन
* सामाजिक समावेशन
* पारदर्शी शासन उन्होंने DFCCIL के ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कम करने, ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने और हरित लॉजिस्टिक्स के माध्यम से सार्वजनिक स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिरता में योगदान देने के सक्रिय कदमों को स्वीकार किया।
प्रतिनिधिमंडल द्वारा सामाजिक एवं पर्यावरणीय समीक्षा: प्रयागराज के मुख्य महाप्रबंधक की अध्यक्षता में विश्व बैंक टीम ने निर्माण और संचालन गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की, जिसमें कॉरिडोर के सामाजिक और पर्यावरणीय प्रभावों पर विशेष ध्यान दिया गया। चर्चा किए गए प्रमुख मुद्दे:
* वृक्षारोपण अभियान • जलभराव और शोर प्रदूषण का निवारण • प्रभावित व्यक्तियों के लिए मुआवजा और पुनर्वास • मैदान स्तर पर कार्यान्वयन मुद्दों के समाधान के लिए एक प्रारूप का विकास जिसमे विश्व बैंक टीम के सदस्य मौज़ूद रहे:
1. श्री समीर राय – सामाजिक सलाहकार 2. श्री दमंजीत मीनाज – पर्यावरण सलाहकार 3. श्री सैयद तनवीर हुसैन – सामाजिक सलाहकार 4. श्री जी. श्रीहरि – सामाजिक विशेषज्ञ 5. श्री अजय कुमार – सलाहकार 6. श्री संदीप कुमार रविवाशी – महाप्रबंधक (भूमि एवं SEMU), DFCCIL, 7. श्री मन्नू प्रकाश दुबे, एजीएम/ओपी&बीडी, ईडीएफसी 8. श्री मनुज सारस्वत, परियोजना प्रबंधक/इंजीनियरिंग, प्रयागराज
टीम ने 18.04.2025 को मिर्जापुर और डागमगपुर क्षेत्रों में क्षेत्रीय निरीक्षण भी निर्धारित किया है, ताकि परियोजना के पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों और सामाजिक प्रभाव का और मूल्यांकन किया जा सके। यह दौरा DFCCIL को हरित माल परिवहन अवसंरचना के मॉडल के रूप में स्थापित करता है, जो भारत के सतत, समावेशी और भविष्य-उन्मुख लॉजिस्टिक्स समाधान की दृष्टि के अनुरूप है।

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