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कुप्रथाओं के विरुद्ध नारायणा गुरु ने चलाया था आंदोलन- चन्द्रभूषण सिंह यादव
20 अगस्त 1856 को केरल में जन्मे नारायणा गुरु भारत के एक महान संत, दार्शनिक और समाज सुधारक थे उक्त उद्गार रामपुर कारखाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत डुमरी स्थित सपा जन संपर्क कार्यालय पर आयोजित जयंती कार्यक्रम में व्यक्त करते हुए सपा के पूर्व प्रवक्ता चंद्रभूषण सिंह यादव ने कहा कि उन्होंने जाति-व्यवस्था और छुआछूत जैसी कुप्रथाओं के विरुद्ध ऐतिहासिक आंदोलन चलाया। उनका प्रसिद्ध संदेश “मानव समाज के लिए एक जाति, एक धर्म, एक ईश्वर” था। सपा के पूर्व प्रवक्ता चंद्रभूषण सिंह यादव ने नारायणा गुरु को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि एझावा समुदाय में जन्मे नारायणा गुरु ने अरुविप्पुरम में मनुवादियों के वर्चस्व को चुनौती देते हुए स्वयं एक शिवलिंग की स्थापना की, जो इस बात का प्रतीक था कि पूजा और ईश्वर पर किसी विशेष जाति का अधिकार नहीं है।उन्होंने दलितों और पिछड़ी जातियों के लिए मंदिरों और शिक्षण संस्थानों के द्वार खोले। उक्त अवसर पर उपस्थित सुरेश नारायण सिंह, उत्तिम यादव, नारायण प्रसाद, दयानंद यादव, व्यास यादव, श्यामसुंदर प्रसाद, गोविंद यादव, संतोष मद्धेशिया, अयोध्या वर्मा, अभिषेक गुड्डू गोंड, शंकर गोंड, श्यामराज कन्नौजिया आदि ने नारायणा गुरु के चित्र के समक्ष श्रद्धावनत हो नमन किया।
