वाराणसी मंडल के 204 स्टेशनों, 115 रेलवे कॉलोनियों, 08 कोचिंग डिपो, चिकित्सालयों एवं स्वास्थ्य केंद्रों, 07 रनिंग रूम, 04 क्रू लॉबी तथा कार्यालयों में पानी की टंकियों, वाटर कूलर, वाटर फिल्टर, पाइप लाइनों एवं पंपिंग प्रणाली की निगरानी की जा रही है। वाराणसी मंडल में 21 से 27 सितम्बर, 2026 तक 588 अवशिष्ट क्लोरीन परीक्षण किया गया तथा 68 जल नमूनों का जीवाणु संर्वधन परीक्षण एवं 04 जल नमूनों का रासायनिक विश्लेषण प्रयोगशाला में कराया गया। इसी प्रकार, इज्जतनगर मंडल के काठगोदाम, इज्जतनगर, फर्रुखाबाद, कासगंज, बरेली सिटी, लालकुआँ, काशीपुर, पीलीभीत, मथुरा कैंट एवं फतेहगढ़ सहित 10 स्टेशनों तथा न्यू मॉडल कॉलोनी के कुल 42 अवशिष्ट क्लोरीन परीक्षण किये गये, जो निर्धारित मानकों के अनुरूप फिट पाये गये। साथ ही जीवाणु संर्वधन परीक्षण के लिये 09 जल नमूने लिये गये। लखनऊ मंडल में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, लखनऊ तथा अपर मंडल रेल प्रबन्धक/इन्फ्रा के संयुक्त निर्देशन में मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक एवं स्वास्थ्य निरीक्षक ने 12 प्रमुख स्टेशनों एवं 04 मुख्य आवासीय कॉलोनियों में कुल 25 अवशिष्ट क्लोरीन परीक्षण तथा 02 जीवाणु संर्वधन परीक्षण किये, जांचोपरान्त सभी जल नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप फिट पाये गये। यह जांच अभियान पूर्वोत्तर रेलवे के सभी रेलवे स्टेशनों, आवासीय कॉलोनियों एवं कार्यालयों के सभी पेयजल स्थलों के परीक्षण तथा उनके सुधार तक जारी रहेगा। स्वास्थ्य निरीक्षकों द्वारा पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच एवं परीक्षण किया जा रहा है, ताकि रेल यात्रियों एवं कर्मियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। रेल यात्रियों एवं कर्मियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना रेल प्रशासन की प्राथमिकता है तथा इसके लिये जल गुणवत्ता की निगरानी निरन्तर जारी रहेगी।
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