संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुये चिकित्सा निदेशक डॉ० मो० ए.ए. खान ने कहा कि ‘विश्व हृदय दिवस‘ का उद्देश्य आमजन में हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना है। उन्होंने कहा कि हृदय हमारे शरीर में पंपिंग मशीन की तरह कार्य करता है, इसलिये इसे स्वस्थ रखने के लिये संतुलित एवं पौष्टिक आहार, नियमित शारीरिक सक्रियता एवं व्यायाम, पर्याप्त नींद, स्वस्थ दिनचर्या तथा तनावमुक्त जीवनशैली अपनाना आवश्यक है।
इसके पूर्व, अवर मुख्य स्वास्थ्य निदेशक डॉ० एम. नाथ ने हृदय सम्बन्धी बीमारियों से बचाव के लिये नियमित शारीरिक व्यायाम एवं चिकित्सकीय परामर्श एवं तनावमुक्त जीवनशैली के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने तथा बीमारी की स्थिति में चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार आहार एवं दिनचर्या अपनाने की सलाह दी।
वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ० नन्द किशोर प्रसाद ने कहा कि बदलती जीवनशैली के कारण हृदय सम्बन्धी बीमारियों का जोखिम बढ़ रहा है, इसके लिये हम सभी को नियमित शारीरिक गतिविधियां एवं व्यायाम करना चाहिये। वरिष्ठ परामर्शदाता ने कहा कि हमें संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेना चाहिये तथा अनावश्यक तनाव से बचना चाहिये, जिससे कि हृदय रोग सम्बन्धित बीमारियों से बचाव किया जा सके।
कार्यक्रम के दौरान मरीजों एवं उनके परिजनों ने हृदय स्वास्थ्य एवं आहार से सम्बन्धित विभिन्न प्रश्न पूछे गये, जिनका वरिष्ठ चिकित्सकों ने सरल एवं व्यावहारिक तरीके से जवाब दिया। संगोष्ठी के माध्यम से लोगों को ‘स्वस्थ हृदय, स्वस्थ जीवन‘ का संदेश देते हुये संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, स्वस्थ दिनचर्या एवं समय पर चिकित्सकीय परामर्श अपनाने के लिये जागरूक किया गया।
अवर मुख्य स्वास्थ्य निदेशक/प्रशासन डॉ० उमेश मौर्य ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
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