उद्देश्य से पेयजल गुणवत्ता की जांच हेतु विशेष अभियान चला रहा है। इसके अन्तर्गत रेलवे स्टेशनों एवं कॉलोनियों में
पानी की टंकियों, वाटर कूलर, वाटर टैप, वाटर फिल्टर, पेयजल वितरण बिंदुओं तथा पाइप लाइनों की नियमित
सघन जांच एवं रखरखाव को प्राथमिकता दी जा रही है। इस अभियान के अंतर्गत पूर्वोत्तर रेलवे के स्वास्थ्य निरीक्षकों
द्वारा स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु अवशिष्ट क्लोरीन परीक्षण, जीवाणु संर्वधन परीक्षण एवं
रासायनिक परीक्षण किये जा रहे हैं।
23 सितम्बर, 2026 को वाराणसी मंडल में 204 स्टेशनों एवं 115 रेलवे कॉलोनियों में अवशिष्ट क्लोरीन परीक्षण
एवं जीवाणु संर्वधन परीक्षण किये गये। इज्जतनगर मंडल में 47 अवशिष्ट क्लोरीन परीक्षण किये गये, जो निर्धारित
मानकों के अनुरूप शत-प्रतिशत फिट पाये गये। इसके अतिरिक्त 06 जीवाणु संर्वधन परीक्षण के लिये नमूने लिये गये।
लखनऊ मंडल में 12 प्रमुख स्टेशनों एवं 04 रेलवे कॉलोनियों से 119 अवशिष्ट क्लोरीन परीक्षण एवं 02 जीवाणु
संर्वधन परीक्षण किये गये, जिसमें सभी परीक्षण फिट पाये गये।
स्वच्छ पेयजल गुणवत्ता जांच के दौरान जहाँ भी पेयजल गुणवत्ता से सम्बन्धित प्रतिकूल परिणाम प्राप्त हो रहे हैं, वहाँ
तत्काल आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही की जा रही है। यह विशेष अभियान पूर्वोत्तर रेलवे के सभी रेलवे स्टेशनों,
कॉलोनियों एवं कार्यालयों के सभी पेयजल स्थलों के परीक्षण तथा उनके सुधार तक जारी रहेगा। स्वास्थ्य निरीक्षकों
द्वारा पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच एवं परीक्षण किया जा रहा है, ताकि रेल यात्रियों एवं रेल कर्मियों को
निर्धारित मानकों के अनुरूप स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
रेल प्रशासन रेल यात्रियों एवं रेल कर्मियों के स्वास्थ्य एवं सुविधा को सर्वोपरि रखते हुये स्वच्छ पेयजल व्यवस्था को
और बेहतर बनाने के लिये प्रतिबद्ध है।
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