सम्पूर्ण भारतीय रेल पर स्वच्छता जागरूकता एवं पर्यावरण संरक्षण संबंधी अनेक कार्यक्रमों का आयोजन

गोरखपुर, 23 सितम्बर, 2026: सम्पूर्ण भारतीय रेल पर 17 सितम्बर से 02 अक्टूबर, 2026 तक आयोजित किये
जा रहे ‘स्वच्छता ही सेवा-2026‘ अभियान के अन्तर्गत 23 सितम्बर, 2026 को पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय गोरखपुर
एवं तीनों मंडलों पर ‘स्वच्छता में जनभागीदारी, सिंगल यूज प्लास्टिक को ना कहे‘ थीम के अन्तर्गत विभिन्न स्टेशनों
पर स्वच्छता जागरूकता एवं पर्यावरण संरक्षण संबंधी अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
इसी क्रम में ई.एन.एच.एम. विंग द्वारा पूर्वाेत्तर रेलवे मुख्यालय, गोरखपुर में विभिन्न स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण
संबंधी जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस दौरान जटेपुर रेलवे कॉलोनी में कचरे के पृथक्कीकरण
तथा जैविक कचरे से कम्पोस्ट तैयार करने एवं प्लास्टिक के उपयोग के विरुद्ध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित की गई।
इस दौरान कालोनीवासियों को एकल-उपयोग प्लास्टिक के प्रयोग से बचने तथा प्लास्टिक की थैलियों के स्थान पर
पुनः उपयोग योग्य कपड़े के थैलों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
लखनऊ मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर स्वच्छता अभियान चलाया गया एवं रेलवे कॉलोनियों में डोर टू डोर जागरूकता
अभियान चलाकर रेलवे कर्मचारियों को अलग-अलग रंग के डस्टबिन के प्रयोग तथा कचरे के निस्तारण के बारे
जानकारी दी गई साथ ही रेलवे कर्मचारियों को सिंगल यूज प्लास्टिक से स्वास्थ्य पर पड़ने असर के बारे में बताया
गया। सोशल मीडिया एवं अख़बारों, बैनरों के माध्यम से बड़े पैमाने पर स्वच्छता अभियान से सम्बन्धित प्रचार किया
गया।
स्वच्छता ही सेवा-2026 अभियान के अन्तर्गत वाराणसी मंडल के प्रमुख स्टेशनो एवं रेलवे कॉलोनियों में
डोर-टू-डोर जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान रेलकिर्मियांे एवं उनके परिवारजनों कूड़ेदान के माध्यम
से कचरे के पृथक्कीकरण एवं निस्तारण के बारे में समझाया गया। स्टेशन पर यात्रियों को बोतल क्रसर मशीन के प्रयोग
करने हेतु जागरूक किया गया। इस दौरान यात्रियों एवं कर्मचारियों को जूट के थैले वितरित किये गये तथा
पर्यवेक्षकों द्वारा फूट स्टॉल पर स्वच्छता की जांच की गई। सोशल मीडिया एवं अख़बारों, बैनरों के माध्यम से बड़े
पैमाने पर स्वच्छता अभियान से सम्बन्धित प्रचार किया गया।
इज्जतनगर मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर स्वच्छता अभियान-2026 के अन्तर्गत रेलवे स्टेशनों, ट्रेनों एवं रेलवे परिसरों में
व्यापक स्वच्छता एवं जागरूकता गतिविधियां अयोजित कर यात्रियों, रेलकर्मियों एवं उनके परिवारों को स्वच्छता के
प्रति जागरूक करते हुए जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही कचरे के पृथक्कीकरण के संबंध में
जागरूकता अभियान चलाकर हरा डिब्बा-गीले/जैविक कचरे के लिए, नीला डिब्बा-सूखे एवं पुनर्चक्रण योग्य कचरे के
लिए, लाल डिब्बा सैनिटरी कचरे के लिए तथा काला डिब्बा-मेडिकल, इलेक्ट्रॉनिक एवं अन्य विशेष देखभाल वाले
कचरे के बारे में बताया गया। अभियान के दौरान सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के लिए स्टेशनों के
वेंडिंग क्षेत्रों में कपड़े के थैलों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

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