महाप्रबन्धक, पूर्वोत्तर रेलवे ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर गोरखपुर में आयोजित एक समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया

गोरखपुर, 15 अगस्त, 2026: महाप्रबन्धक, पूर्वोत्तर रेलवे श्री उदय बोरवणकर ने देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त, 2026 को सैयद मोदी रेलवे स्टेडियम, गोरखपुर में आयोजित एक समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया तथा रेलवे सुरक्षा बल के जवानों, नागरिक सुरक्षा संगठन एवं पूर्वोत्तर रेलवे स्काउट एवं गाइड के सदस्यों तथा रेलवे विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत परेड की सलामी ली।

इस अवसर पर समारोह को सम्बोधित करते हुये महाप्रबन्धक श्री उदय बोरवणकर ने सभी को स्वतंत्रता दिवस के स्वर्णिम पर्व पर बधाई एवं शुभकामनायें दीं तथा पूर्वोत्तर रेलवे के उन कर्मचारियों को श्रद्धा सुमन अर्पित किया, जिनका इस वर्ष रेल सेवा के दौरान दुःखद निधन हुआ। उन्होंने भारतीय रेल के उन सभी निष्ठावान कर्मियों को भी नमन किया जिनके श्रम से रेल का चक्का निरन्तर चलता रहता है।

महाप्रबन्धक ने कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे अपने तीनों मंडलों के माध्यम से यात्रियों को संरक्षित, सुरक्षित एवं आरामदायक यात्रा सुविधा उपलब्ध करा रहा है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कर-कमलों द्वारा पूर्वोत्तर रेलवे के ऐशबाग जं. सहित पुनर्विकसित 14 अमृत स्टेशनों का उद्घाटन किया गया। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे आधारभूत संरचना का सुदृढ़ीकरण एवं कार्यप्रणाली का आधुनिकीकरण कर यात्रियों को बेहतर एवं द्रुतगामी सुविधा देने की ओर निरन्तर अग्रसर हैं। स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में ‘हर घर तिरंगा‘ अभियान भी पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है।

महाप्रबन्धक ने स्वतंत्रता दिवस के इस शुभ अवसर पर पूर्वोत्तर रेलवे की महत्वपूर्ण उपलब्धियों का जिक्र करते हुये कहा कि इस वित्त वर्ष में पूर्वोत्तर रेलवे पर लगभग 26 किमी. दोहरीकरण एवं तीसरी लाइन का कार्य पूर्ण किया गया। घाघरा घाट-बुढ़वल एवं गोंडा-गोंडा कचहरी रेल खंडों में तीसरी लाइन निर्माण के साथ ही बुढ़वल-गोंडा तीसरी लाइन परियोजना पूर्ण हुई, साथ ही उनौला-पिपराइच खंड के दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण का कार्य भी पूर्ण किया गया। बहराइच-नेपालगंज रोड खंड के आमान परिवर्तन का कार्य पूर्ण होने के साथ ही पूर्वोत्तर रेलवे पूर्ण रूप से बड़ी लाइन में परिवर्तित हो गई। एक मात्र मीटर गेज खंड मैलानी-नानपारा को धरोहर के रूप में संरक्षित रखा गया है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 में माह जुलाई तक 3 स्टेशनों पर पैदल उपरिगामी पुल (एफ.ओ.बी.) तथा 6 स्टेशनों पर 7 उच्च-तल के प्लेटफॉर्म, 8 स्टेशनों के 25 प्लेटफॉर्मों पर कोच गाइडेंस सिस्टम, 12 स्टेशनों पर 26 ट्रेन इंडिकेशन बोर्ड तथा 7 स्टेशनों पर एट ए ग्लांस डिस्प्ले बोर्ड लगाये जाने का कार्य पूर्ण किया गया। अब तक 17 स्टेशनों पर 63 एस्केलेटर तथा 25 स्टेशनों पर 81 लिफ्ट लगाये जा चुके हैं तथा कम समय में ट्रेनों में पानी भरने के लिये 9 स्टेशनों पर क्विक वाटरिंग सिस्टम लगाये गये हैं एवं 104 स्टेशनों पर अनारक्षित टिकट वितरण हेतु 211 नये स्मार्ट कार्ड आधारित ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन स्थापित हैं।

महाप्रबन्धक ने कहा कि वित्त वर्ष में माह जुलाई तक 8 नई ट्रेनों का नियमित संचलन पूर्वोत्तर रेलवे के विभिन्न स्टेशनों से शुरू हुआ, जिसमें एक अमृत भारत ट्रेन सम्मिलित है। इसके अतिरिक्त 3 ट्रेनों का मार्ग विस्तार किया गया तथा 79 ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेनें 1,075 फेरों में चलाई गईं। उन्होंने कहा कि 6.64 करोड़ यात्रियों ने पूर्वोत्तर रेलवे के स्टेशनों से यात्रा आरम्भ की, जिससे लगभग रू. 1,200 करोड़ की आय हुई, जो गत वर्ष की समान अवधि की तुलना में 17.5 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान कुल 1.412 मिलियन टन माल का लदान हुआ, जिससे लगभग रू. 182 करोड़ की आय हुई, जो लक्ष्य से 10.8 प्रतिशत अधिक है।

श्री बोरवणकर ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 में अब तक 107 किमी. पूर्ण ट्रैक नवीनीकरण, 126 किमी. रेल नवीनीकरण, 102 टर्नआउट का नवीनीकरण का कार्य सम्पन्न होने के साथ-साथ कुल 6 समपारों को समाप्त किया गया तथा 7 लिमिटेड हाइट सब-वे (एल.एच.एस.) एवं 3 सड़क उपरिगामी पुल (आर.ओ.बी.) का निर्माण पूर्ण किया गया। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे पर रेलपथ के सुदृढ़ीकरण एवं अन्य संरक्षा प्रयासों के फलस्वरूप वर्ष 2026-27 में कोई परिणामी रेल दुर्घटना घटित नहीं हुई। रेल संरक्षा के महत्वपूर्ण कार्य जैसे- समपारों की इंटरलॉकिंग, समपारों पर इलेक्ट्रिक लिफ्टिंग बैरियर एवं स्लाइडिंग बूम बैरियर का प्रावधान तथा रेलवे टैªक के किनारे फेंसिंग लगाने का कार्य तेज रफ्तार से सम्पन्न किये जा रहे हैं। संरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले रेल कर्मियों को ‘सेफ्टी स्टार ऑफ द मंथ’ के रूप में पुरस्कृत कर सम्मानित किया जा रहा है।

श्री बोरवणकर ने कहा कि ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ के परिप्रेक्ष्य में 15 मई से 05 जून, 2026 तक पूर्वोत्तर रेलवे पर व्यापक स्वच्छता कार्यक्रम चलाये गये, जिसमें बृहद स्वच्छता कार्यक्रम के साथ ही पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। रेल परिसरों में रेल आवास निर्माण, मरम्मत तथा साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस वित्त वर्ष में माह जुलाई तक सोलर पैनल की कुल क्षमता लगभग 16 मेगावाट हो गई, जिससे लगभग 40 लाख यूनिट सौर ऊर्जा का उत्पादन हुआ। परिणामस्वरूप रू. 87 लाख की बचत हुई। व्यापक पौधारोपण कार्यक्रम के अन्तर्गत पूर्वोत्तर रेलवे पर 80 हजार पौधे लगाये गये।

महाप्रबन्धक ने कहा कि अनुकम्पा आधारित नियुक्तियों में तेजी लाई गई, जिसके फलस्वरूप 155 आश्रितों को नियुक्ति प्रदान की गई। चयन एवं पदोन्नति कैलेंडर का कड़ाई से पालन करते हुये अराजपत्रित संवर्ग में 491 कर्मचारियों को एम.ए.सी.पी. का लाभ दिया गया तथा 1,594 कर्मचारियों की पदोन्नति की गई। कम्प्यूटर आधारित पदोन्नति परीक्षा के अन्तर्गत 149 श्रेणियों के लिये सी.बी.टी. आधारित परीक्षा में 12,510 कर्मचारियों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि कैंसर/गंभीर/कठिन परिस्थितियों के मामलों में कर्मचारी कल्याण निधि से रेल कर्मियों/उनके परिजनों को सहायता प्रदान की गई तथा कर्मचारियों के बच्चों को तकनीकी/व्यावसायिक शिक्षा हेतु रू. एक करोड़ से अधिक की छात्रवृत्ति प्रदान की गई। पूर्वोत्तर रेलवे पर पहली बार कर्मचारियों के पाल्यों के लिये अंतर्मण्डलीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता/टैलेंट हंट शो आयोजित किया गया।

श्री बोरवणकर ने कहा कि सेक्शन में विभिन्न परिस्थितियों में कार्य कर रहे हमारे साथी रेलकर्मियों के लिये पेय जल, सोलर लाइट तथा प्रसाधन की व्यवस्था, पटरी के किनारे सेस का नवीनीकरण, प्रकाश व्यवस्था में सुधार आदि के कार्य उच्चतम प्राथमिकता में किये जा रहे हैं। 103 स्थलों पर आयोजित सम्पूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण कैम्प में 2,100 से अधिक लाभार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा हृदय रोग विशेषज्ञों के सहयोग से 6 कार्डियोलॉजी कैम्प में 818 कर्मचारियों एवं उनके आश्रितों का परीक्षण किया गया। कुल 65 प्राइवेट चिकित्सालयों को उपचार हेतु अनुबन्धित किया गया है, ताकि रेलकर्मियों एवं उनके परिजनों को अच्छे स्वास्थ्य का लाभ हो। ललित नारायण मिश्र रेलवे चिकित्सालय में लीवर फाइब्रो स्कैन सुविधा प्रारम्भ की गई। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के कार्यक्षमता में वृद्धि हेतु मुख्यालय स्थित सभी कार्यालयों में एयर कंडीशनर लगाने का कार्य पूर्ण हो चुका है। मंडलों में भी कार्यस्थलों को सुरूचिपूर्ण ढंग से बेहतर बनाया जा रहा है। कार्यालयों में महिला कर्मचारियों हेतु बेहतर सुविधायें भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

महाप्रबन्धक ने कहा कि बड़े ही हर्ष का विषय है कि गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पूर्वोत्तर रेलवे के महानिरीक्षक-सह-प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त, रेलवे सुरक्षा बल श्री सत्य प्रकाश, स्टाफ आफिसर/रेलवे सुरक्षा बल श्री कृष्ण कुमार मिश्र तथा वाराणसी मंडल के उपनिरीक्षक/क्राइम सेल श्री कैलाश प्रसाद को स्वतंत्रता दिवस-2026 के अवसर पर पुलिस पदक प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में ‘मेरी सहेली‘ अभियान के माध्यम से 7,333 ट्रेनों में महिला कांस्टेबलों ने 1.93 लाख महिला यात्रियों से सम्पर्क कर उन्हें सुरक्षा का विश्वास दिलाया। रेलवे सुरक्षा बल द्वारा स्टेशनों एवं ट्रेनों से खोये/लावारिस 226 लड़कों एवं 93 लड़कियों को रेस्क्यू कर उन्हें उनके परिजन अथवा संरक्षण गृहों को सौंपा गया।

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