महेन्द्र तिवारी वंदे मातरम् भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की अजर अमर और अत्यंत पवित्र स्मृति है। बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह महान रचना केवल शब्दों और ध्वनियों का साधारण समूह नहीं है, बल्कि यह उस युग की धड़कन है जब लाखों भारतीयों ने परतंत्रता की मजबूत बेड़ियों को तोड़ने का कठोर संकल्प लिया था। इस अद्वितीय रचना ने भारत माता को एक देवी के रूप में स्थापित किया और जनमानस में देशभक्ति की ऐसी प्रचंड ज्वाला प्रज्वलित की जिसने शक्तिशाली विदेशी शासन की नींव तक हिला दी। आनंदमठ नामक प्रसिद्ध उपन्यास से…
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