डॉ. राघवेंद्र शर्मा गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर जब संपूर्ण सृष्टि विघ्नहर्ता, प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश के स्वागत में लीन होती है, तब केवल उत्सव मनाना पर्याप्त नहीं है। सच्चा उत्सव तब सार्थक होता है जब हम भगवान गणेश की दिव्य कार्यशैली, उनके स्वरूप और आचरण के पीछे छिपे जीवन-दर्शन को अपने भीतर उतारें। आज के घोर कलियुग में, जहाँ मानवीय संवेदनाएं क्षीण हो रही हैं और भौतिकता का बोलबाला है, भगवान गणेश का प्रत्येक कार्य हमें जीने की श्रेष्ठ राह दिखाता है। भगवान श्री गणेश की सबसे…
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