छठ महापर्व 25-28 अक्टूबर 2025- आस्था,श्रद्धा और आत्मसंयम का अलौकिक उत्सव

एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र गोंदिया – वैश्विक स्तरपर छठ पर्व भारत की उन प्राचीनतम और शुद्धतम परंपराओं में से एक है,जोआस्था श्रद्धा और आत्मसंयम की पराकाष्ठा को दर्शाती है। यह पर्व केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह जीवन की पवित्रता, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और पारिवारिक सुख-समृद्धि का अद्भुत संगम है। छठ महापर्व को सूर्य उपासना का सबसे पवित्र पर्व माना गया है। हिंदू धर्म में सूर्य देवता को जीवनदाता, स्वास्थ्य और ऊर्जा का स्रोत माना गया है। छठ पूजा में सूर्य भगवान और उनकी पत्नी उषा…

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बच्चों से भीख मंगवाना एक सामाजिक अपराध

“मासूम बच्चों का शोषण सिर्फ गरीबी का परिणाम नहीं, बल्कि समाज और व्यवस्था की बड़ी विफलता है।” मासूम बच्चों का शोषण समाज की गंभीर समस्या बन चुका है। भीख मंगवाना केवल गरीबी का नतीजा नहीं, बल्कि बच्चों की मासूमियत का फायदा उठाने वाला व्यवस्थित व्यवसाय है। लोग दया के भाव में पैसा देते हैं, जबकि बच्चे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रभावित होते हैं। समाज, सरकार और नागरिकों को मिलकर जागरूकता फैलानी चाहिए, चाइल्डलाइन (1098) और एनजीओ के माध्यम से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए, और उन्हें शिक्षा व…

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गाँव पेटवाड़ से चीफ जस्टिस तक : जस्टिस सूर्यकांत की प्रेरक यात्रा

मेरे साहित्यिक गुरु पंडित मदन गोपाल जी अब इस भौतिक संसार में नहीं हैं, लेकिन उनके लिखे सैकड़ों पत्र आज भी मेरे पास सुरक्षित हैं। वे पत्र जिनमें केवल शब्द नहीं, बल्कि जीवन का ज्ञान, संवेदना और आत्मा की आवाज़ बसी हुई थी। हर सप्ताह वे मुझे प्रेमपूर्वक पत्र लिखते, साहित्य की बारीकियाँ सिखाते और जीवन में ईमानदारी व कर्म की महत्ता समझाते थे। उनके प्रत्येक पत्र में चरित्र की गहराई, भाषा की सादगी और विचार की ऊँचाई होती थी। आज जब उनके छोटे पुत्र सूर्यकांत जी देश के 53वें…

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भारत वर्ष का हर्ष

तुम नमक नहीं, चंदन हो, वीर, हर चौके, छक्के में दिखा दिया धीर। देशभर में फैल गया अद्भुत हर्ष, सदा चमकते रहो हमारे भारत वर्ष। साहस तुम्हारा निखरा यूँ हर पल, चुनौती भी थमी, सूरज गया ढल। दर्शकों के दिलों में बसा भारत वर्ष, गूँजा गगन में तब भारत का हर्ष। खिलाड़ी नहीं केवल, प्रेरणा हो तुम, विश्व ने देखा विजय का तिलक हो तुम। हर रन और कैच में बरसा हर्ष, सारे दिलों में गूँजा अद्भुत भारत वर्ष। नमन है तुम्हें, आज रणवीरों की तरह, विकट परिस्थितियों में शूरवीरों…

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बदला हुआ भारत: क्रिकेट और आत्मसम्मान का नया अध्याय”

“एशिया कप 2025 के फाइनल में भारत का रुख़ और खेल के मैदान से परे राष्ट्रीय गौरव की झलक” एशिया कप 2025 का फाइनल केवल क्रिकेट का खेल नहीं था। भारत ने पाकिस्तान को हराने के साथ ही ट्रॉफी स्वीकार करने से इनकार कर दिया, क्योंकि पुरस्कार देने वाला पाकिस्तान का प्रतिनिधि था। इससे प्रस्तुति समारोह घंटों तक लंबित रहा। इस कदम ने केवल खेल में जीत नहीं दिखाई, बल्कि राष्ट्रीय आत्मसम्मान और राजनीतिक संदेश भी स्पष्ट किया। समर्थक इसे “नए भारत” की शक्ति और साहस मानते हैं, जबकि आलोचक…

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जलते पुतले, बढ़ते रावण: दशहरे का बदलता अर्थ”

पुतलों का दहन नहीं, मन और समाज के भीतर छिपी बुराइयों का संहार ही दशहरे का असली संदेश है।” दशहरे पर रावण के पुतले जलाना केवल परंपरा नहीं, बल्कि बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। लेकिन आज पुतले केवल मनोरंजन बनकर रह गए हैं, जबकि समाज में अहंकार, हिंसा, वासना और अन्य बुराइयाँ लगातार बढ़ रही हैं। असली रावण हमारे भीतर और समाज में मौजूद हैं। यही समय है कि हम अपने मन के रावणों की पहचान करें, उन्हें त्यागें और समाज से अपराध, छल-कपट और अन्य अधर्म…

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घर-घर में रावण*

घर-घर में रावण हुए, चौराहे पर कंस । बहू-बेटियां झेलती, नित शैतानी दंश ।। मन के रावण दुष्ट का, होगा कब संहार । जलते पुतले पूछते, बात यही हर बार ।। पहले रावण एक था, अब हर घर, हर धाम। राम नाम के नाम पर, पलते आशाराम।। बैठा रावण हृदय जो, होता है क्या भान। मान किसी का कब रखे, सौरभ ये अभिमान।। रावण वध हर साल ही, होते है अविराम। पर रावण मन में रहा, सौरभ क्या परिणाम।। हारे रावण अहम तब, मन हो जब श्री राम। धीर वीर गम्भीर को, करे दुनिया प्रणाम।। झूठ-कपट की भावना,  द्वेष छल अहंकार। सौरभ रावण शीश है,…

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प्रज्ञान को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ

25 सितम्बर को हमारे सुपुत्र चि. प्रज्ञान ‘सौरभ’ का दूसरा जन्मदिन है। प्रिय प्रज्ञान को आकाश भर अनन्त शुभकामनाएँ। ईश्वर की कृपा और आप सबकी दुआएँ सदैव हम पर बनी रहें।  शुभकामना-पुष्प  जन्मदिन की बधाइयाँ, करें पुत्र स्वीकार, है सबकी शुभकामना, खुशियाँ मिलें हजार।। बहुत-बहुत शुभकामना, तुमको प्रियवर आज, हो प्रशस्त जीवन सुखद, सुन्दर साज समाज।। जीवन भर मिलती रहें, खुशियाँ सदा अपार, मात शारदे आपके, भरें ज्ञान भण्डार।। शुभ सरिता बहती रहे, जीवन हो सत्संग, घर आँगन खिलते रहें, प्रेम-प्रीति के रंग।। धर्म-कर्म अध्यात्म का, सदा करें उत्थान, लक्ष्य…

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एच-वन-बी वीज़ा विवाद और आत्मनिर्भर भारत का अवसर

(अमेरिकी एच-वन-बी वीज़ा विवाद : भारतीय प्रवासी के लिए संकट, भारत के लिए अवसर) अमेरिका का नया एच-वन-बी वीज़ा शुल्क केवल आप्रवासन नीति का मुद्दा नहीं है बल्कि वैश्विक आर्थिक समीकरणों का संकेतक है। इससे भारतीय प्रवासी समुदाय में असुरक्षा तो बढ़ी है, लेकिन भारत के लिए यह रिवर्स ब्रेन ड्रेन का अवसर भी है। यदि लौटे हुए पेशेवरों के अनुभव, नेटवर्क और तकनीकी दक्षता को सही नीति समर्थन मिले तो भारत के स्टार्ट-अप, अनुसंधान और आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई ऊर्जा मिल सकती है। चुनौती को अवसर में बदलकर…

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जाति-मुक्त भारत की ओर इलाहाबाद हाईकोर्ट क़ा ऐतिहासिक आदेश

एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र गोंदिया – भारत में जाति व्यवस्था ने भारतीय राजनीति में आज व्यापक रूप ले लिया है, और ये विवादों की सबसे बड़ी जड़ बन गई है। जातिगत पार्टियों की बहस में अब गवर्नेंस की कमी स्पष्ट होती जा रही है। चाहे यूपी हो या बिहार, कास्ट-बेस्ड पोलिटिकल पहचान डेमोक्रेसी के लिए बड़ी भीड़ जुटाती है, लेकिन शासन प्रशासन के लिए जिम्मेदारी निभाना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इस इलेक्शन में सभी पोलिटिकल पार्टीज को चुनौती दी जाती है कि वो कास्ट और रिलिजन…

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