शोध प्रस्ताव तैयार करने पर हुई चर्चा।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान प्रयागराज में प्राचार्य एवं उप शिक्षा निदेशक राजेंद्र प्रताप के मार्गदर्शन की अध्यक्षता में शोध एवं नवाचार प्रकोष्ठ की हुई बैठक ,जिसमें उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के विद्या संकाय के निदेशक प्रोफेसर पी,.के. स्टालिन, विवेक त्रिपाठी, डॉ.अब्दुल मोहई ,डॉ. कुलभूषण मौर्य ,निधि मिश्रा ,अखिलेश सिंह, पंकज कुमार यादव, निधि मिश्रा , ऋचा राय,सुरभी सिंह, वर्तिका कुशवाहा ने प्रतिभाग किया । इस शोध एवं नवाचार प्रकोष्ठ में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्रवक्ता डॉक्टर अब्दुल मोहई, डॉ. कुलभूषण मौर्य एवं वीरभद्र प्रताप द्वारा प्रदत्त 2025 – 26 हेतु तीन शोधों का अध्ययन जिसका शीर्षक है1. निपुण लक्षण की प्राप्ति में सहयोगात्मक पर्यवेक्षण की भूमिका का समीक्षात्मक अध्ययन जनपद प्रयागराज के संबंध में,2 . निपुण भारत मिशन के अंतर्गत FLN प्रशिक्षण का प्राथमिक विद्यालयों के भाषा शिक्षकों के शिक्षण अधिगम प्रक्रिया और बच्चों की उपलब्धि पर प्रभाव का अध्ययन 3. परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों की तकनीकी दक्षता और डिजिटल संसाधनों के उपयोग में आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान का अध्ययन रहेगा। शोध एवं नवाचार प्रकोष्ठ की बैठक में प्राचार्य राजेंद्र प्रताप ने बताया कि ऐसा शोध कीजिए जिससे जनपद स्तर की शिक्षा गुणात्मक हो तथा शिक्षा में आने वाली चुनौतियों का समाधान किया जा सके। अथिति के रूप में आए हुए शोध एवं नवाचार प्रकोष्ठ के सदस्य उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज की विद्या संकाय के निदेशक प्रोफेसर पी.के स्टालिन ने दिशा निर्देश देते हुए कहा कि शोध प्रस्ताव तैयार करते समय शोध समस्या के चरणों का विधिवत अध्ययन कीजिए, शोध प्रस्ताव तैयार कीजिए ।इस प्रकार शोध अध्ययन की रूपरेखा तैयार करने में सभी सदस्यों एवं डायट प्रवक्ताओं ने अपना वक्तव्य प्रस्तुत किया ।अंत में।प्रोफेसर पी.के. स्टालिन का डायट प्रयागराज की तरफ से आभार व्यक्त करते हुए बैठक का समापन किया गया। बैठक का संचालन अनुसंधान एवं नवाचार प्रकोष्ठ के समन्वयक शिक्षाशास्त्र प्रवक्ता वीरभद्र प्रताप ने किया।
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