पाठक ने खुलासा किया कि सीमा पार से लॉन्च किए गए 600 ड्रोन में से लगभग 40% – लगभग 200 ड्रोन – गुजरात क्षेत्र में प्रवेश करने में सफल रहे। इस उल्लंघन के बावजूद, किसी के हताहत होने या नुकसान की सूचना नहीं मिली। उन्होंने आगे बताया कि पाकिस्तान ने गुजरात सीमा पर टैंक और भारी तोपखाना भी तैनात किया था, जो हमले के पीछे की आक्रामक मंशा को दर्शाता है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान महिला अधिकारियों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए पाठक ने सीमा पर तैनात 800 से अधिक महिला बीएसएफ कर्मियों के योगदान की प्रशंसा की। उन्होंने सहायक कमांडेंट अमनदीप और नीति यादव का विशेष उल्लेख किया, जिन्होंने कंपनी कमांडर के रूप में क्रीक क्षेत्र के सबसे चुनौतीपूर्ण इलाके में अपनी कंपनियों का नेतृत्व किया।
आईजी पाठक ने बताया कि इस ऑपरेशन में पाकिस्तान को काफी नुकसान हुआ है। बहावलपुर में मौजूद आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के 20 से ज्यादा आतंकी मारे गए हैं। इसके अलावा, अनुमान है कि करीब 35 से 40 पाकिस्तानी सैन्यकर्मी भी मारे गए हैं। बीएसएफ राजस्थान के बाड़मेर से लेकर गुजरात के कच्छ तक भारत-पाकिस्तान सीमा की सुरक्षा करता है। हाल ही में हुए हमले से मिले सबक के आधार पर पाठक ने बताया कि भविष्य में बेहतर तैयारियों और बेहतर जवाबी कार्रवाई के लिए सभी गतिविधियों का विश्लेषण किया जा रहा है।
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