कंपनी ने सोमवार को बयान में कहा कि परियोजना आवंटन पत्र नेताजी सुभाष गोदी पर पर बर्थ (जहाज रुकने का स्थान) आठ के पुनर्निर्माण और बर्थ सात के मशीनीकरण के लिए है। कंपनी ने कहा कि परियोजना पीपीपी मॉडल के तहत बनाओ, वित्त पोषण, परिचालन और सौंप दो (डीबीएफओटी) के आधार पर दी गयी है।
इसमें 30 साल की रियायत अवधि दी गयी है। यह सरकार की बंदरगाह निजीकरण पहल के तहत अपने टर्मिनल पोर्टफोलियो का विस्तार करने की जेएसडब्ल्यू इन्फ्रास्ट्रक्चर की रणनीति के अनुरूप है। कंपनी ने कहा कि परियोजना पर 740 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का अनुमान है और निर्माण कार्यों में दो साल का समय लगेगा।
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