फ्रांस की खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के दूतावासों में तैनात रक्षा अधिकारियों ने दूसरे देशों को यह समझाने की कोशिश की कि वे राफेल विमान न खरीदें और इसकी जगह चीन के बनाए विमान लें। फ्रांस का कहना है कि चीन और पाकिस्तान ने मिलकर राफेल के खिलाफ गलत जानकारी फैलाने का अभियान चलाया। सोशल मीडिया पर झूठी तस्वीरें, विडियो गेम की नकली क्लिप और AI से बनाए गए फर्जी कंटेंट फैलाए गए, ताकि ऐसा लगे कि राफेल विमान जंग में नाकाम रहे।
कंपनी के शेयर की कीमत में सोमवार को बढ़ोतरी के बाद आज मंगलवार को शुरुआती कारोबार में गिरावट दर्ज की गई थी। हालांकि, कुछ मिनटों में ही इसमें तेजी आ गई। इस उथल-पुथल के बीच पेरिस स्टॉक एक्सचेंज पर आज यह शेयर मामूली तेजी के साथ 297.20 यूरो पर ट्रेड कर रहा है। पिछले एक महीने में राफेल जेट निर्माता के शेयर में 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इधर, पाकिस्तान के दावे पर कि ऑपरेशन सिंदूर में भारत के राफेल गिरा दिए गए थे, इस पर क्लियरिटी आ गई है।
![]()
