ये सवाल इसलिए भी गहराता जा रहा है कि जब ये हमला हुआ था तो ईरान की तरफ से सोशल मीडिया पर दावा किया गया था कि एक को हमने अपने मिसाइल से मार गिराया। बी 2 बॉम्बर अमेरिका का एक बहुत बड़ा एसेट माना जाता है। 1 लाख 75 हजार करोड़ रुपए इसकी कीमत है। इसलिए मामला अपने आप में काफी गंभीर हो जाता है। यूरेशियन टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार मसोरी से दो ग्रुप्स में बी 2 बॉम्बर्स रवाना होते हैं। कुछ पैसेफिक ओसियन और कुछ एटलांटिक ओसियन की तरफ उड़ान भरते हैं। यानी एक पूर्व की तरफ और एक पश्चिम की तरफ गया। जो पूर्व की तरफ गया था उसी पर लोगों की नजर थी। लेकिन असली काम पश्चिम की तरफ रवानगी भरने वाले विमान ने किया। जिसके बारे में किसी को मालूम नहीं चला।
जिस बी 2 बॉम्बर्स ने अटैक किया उसने 37 घंटे तक अपने ऑपरेशन को पूरा करके अपनी जगह पर आया। लेकिन जो डिकॉय मिशन पर था, उसके बारे में दावा किया जा रहा है कि एक उसमें से गायब है। इस खबर को लेकर इसलिए भी बवाल मचा है क्योंकि ईरान ये दावा कर रहा है कि उसने अपने मिसाइलों से उसे मार गिराया है। लेकिन इसके बाद अचानक से एक वीडियो सामने आता है और होनूलूलू के एक एयरपोर्ट पर उसे खड़ा पाया जाता है। अब रिपोर्ट्स बताती हैं कि कम से कम एक बी-2 ने होनोलुलु के डैनियल के इनौये इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आपातकालीन लैंडिंग की, जो हवाई में हिकम एयर फ़ोर्स बेस के साथ रनवे साझा करता है। कॉलसाइन MYTEE 14 का उपयोग करने वाले स्टील्थ बॉम्बर ने कथित तौर पर एक अज्ञात आपातकाल के कारण अपना मार्ग बदल लिया है और उसे वापस भेज दिया गया है।
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