समग्र भारतीय रेलवे स्तर पर इसी अवधि के दौरान गत वर्ष के मुकाबले 4.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इस प्रकार उत्तर मध्य रेलवे ने संपूर्ण भारतीय रेलवे की औसतन वृद्धि दर से लगभग दोगुनी विकास दर हासिल करते हुए माल परिवहन के क्षेत्र में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है।
व्यापार में विस्तार और नए राजस्व स्रोतों को आकर्षित करने की दिशा में उत्तर मध्य रेलवे ने इस दौरान नया माल यातायात भी सफलता पूर्वक कैप्चर किया है। इसके तहत महाराजा छत्रसाल स्टेशन छतरपुर से डोलोमाइट के 28 रेक लोड कर 0.11 मिलियन टन तथा बेवरा स्टेशन से लौह अयस्क के 12 रेक लोड कर 0.05 मिलियन टन का नया लदान हासिल किया गया।
इसके अतिरिक्त, पारंपरिक और प्रमुख माल लदान में भी उत्तर मध्य रेलवेर ने उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। खाद्यान्न के लदान में रिकॉर्ड 51.7 प्रतिशत, बलास्ट/गिट्टी में 19.6 प्रतिशत, कंटेनर लदान में 11.9 प्रतिशत, सीमेंट लोडिंग में 6.9 प्रतिशत तथा फ्लाई ऐश की लोडिंग में 5.2 प्रतिशत की शानदार बढ़त दर्ज की गई है।
उत्तर मध्य रेलवे का यह निरंतर आक्रामक और बेहतर निष्पादन माल परिवहन संचालन, उत्कृष्ट वैगन रोटेशन और आधारभूत सुविधाओं के कुशल प्रबंधन को दर्शाता है, जिससे रेलवे के राजस्व में भारी वृद्धि हो रही है।
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