भागवत का सार मृत्यु अंत नहीं आरंभ है और जीवन जन्म जन्मांतर का चक्र है बटुक महाराज

सच्ची मित्रता एक दूसरे के प्रति समर्पण है बटुक महाराज

प्राचीन श्री दधिकांदो मेला कमेटी कृष्णानगर त्रिवेणी मार्ग कीडगंज के द्वारा श्री ज्ञान पुस्तकालय के प्रांगण में चल रहे भागवत कथा के सप्तम दिवस पर पूज्य बटुक महाराज ने कथा का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि भगवान श्री कृष्ण और सुदामा की मित्रता एक दूसरे के प्रति निस्वार्थ समर्पण का रहा है
तो समाज को सच्ची मित्रता का संदेश देता है उन्होंने कहा कि भागवत मनुष्य को सत्य का दर्शन कराती है और यह संदेश देती है और मृत्यु अंत नहीं आरंभ है जीवन जन्मांतर का चक्र है जो कर्म के आधार पर चलती है और जब राजा परीक्षित को सत्य का दर्शन प्राप्त होता है तो मृत्यु का भय समाप्त होता है और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। और अंत में भगवान श्री कृष्ण की स्वधाम गमन का प्रसंग का वर्णन किया गया
मीडिया प्रभारी राजेश केसरवानी ने बताया कि
7 अक्टूबर को सुबह 11:00 बजे भागवत कथा का पूर्णाहुति यज्ञ एवं भंडारे का आयोजन किया जाएगा
कथा में कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह
महापौर गणेश केसरवानी, विधायक हर्षवर्धन बाजपेई पूर्व पार्षद सविता केसरवानी,भाजपा नेता सैफुल अब्बास,पप्पू केसरवानी कटरा ,मनीष केसरवानी, सुशील जैन,अजय जायसवाल, राजेश केसरवानी, बांबी, खन्ने सोनकर,अमरेश जायसवाल,कृष्णा साहू, अंकुश शर्मा, ईशू केसरवानी आदि सैकड़ो भक्तगणो ने आरती पूजन किया।

Loading

Related posts