प्रयागराज मंडल में यात्रियों एवं रेल कर्मचारियों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मंडल के चिकित्सा विभाग द्वारा रेलवे स्टेशनों एवं रेलवे कॉलोनियों में पेयजल गुणवत्ता की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
इस विशेष अभियान के अंतर्गत चिकित्सा विभाग द्वारा रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध विभिन्न पेयजल स्रोतों तथा रेल कॉलोनियों में पेयजल के नमूने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नियमित रूप से लिए जा रहे हैं। इन नमूनों में पेयजल की अवशिष्ट क्लोरीन एवं जीवाण्विक गुणवत्ता की जांच की जा रही है, ताकि पेयजल की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की जा सके। दिनांक 01 सितंबर, 2026 से 28 सितंबर, 2026 तक प्रयागराज मंडल में कुल 1946 पेयजल नमूनों की अवशिष्ट क्लोरीन की जांच की गई, जबकि 83 नमूनों की जीवाण्विक गुणवत्ता की जांच की गई। जांच के दौरान जहां भी पेयजल के नमूनों में निर्धारित मानकों के अनुरूप कमी पाई गई, वहां आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की गई। इसके उपरांत संबंधित स्थानों से पुनः पेयजल के नमूने लेकर उनकी जांच की गई, ताकि पेयजल की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप होने की पुष्टि की जा सके। विशेष अभियान के दौरान प्रयागराज मंडल के प्रमुख रेलवे स्टेशनों, रेलवे कॉलोनियों तथा विभिन्न पेयजल स्रोतों को जांच के दायरे में शामिल किया गया है। चिकित्सा विभाग द्वारा पेयजल की गुणवत्ता की निरंतर निगरानी की जा रही है तथा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे भी पेयजल के नमूने लेकर उनकी जांच की जाती रहेगी। रेलवे प्रशासन का उद्देश्य यात्रियों एवं रेल कर्मचारियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के साथ-साथ पेयजल की गुणवत्ता की नियमित निगरानी के माध्यम से जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
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