बैठक को सम्बोधित करते हुये महाप्रबन्धक श्री उदय बोरवणकर ने कहा कि राजभाषा नीति, प्रेरणा एवं सद्भावना पर आधारित है। इसकी मानीटरिंग का दायित्व हम सभी कार्यालय प्रमुखों को सौंपा गया है। समय-समय पर संसदीय राजभाषा समिति भी विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण करती है। इसलिए हमें राजभाषा प्रयोग के सभी प्रावधानों को अपने कार्यालयों में लागू कराने के प्रति निरंतर सजग रहना चाहिए। समिति के सदस्यगण अपने कार्यक्षेत्र में समस्त कार्यालयी कार्यों को शत-प्रतिशत हिंदी में ही निष्पादित करना सुनिश्चित करें और एक उत्साहवर्धक वातावरण सृजित कर सभी अधीनस्थ अधिकारियों को अपने मूल कार्य हिंदी में करने के लिए प्रेरित करें। समय-समय पर संसदीय समिति द्वारा इसकी समीक्षा की जाती है।
महाप्रबन्धक श्री बोरवणकर ने कहा कि इस समिति में 56 सदस्य कार्यालय शामिल हैं, जिनमें से 45 कार्यालयों से समीक्षा हेतु छमाही रिपोर्ट प्राप्त हुई हैं। समिति के जिन कार्यालयों ने गृह मंत्रालय (राजभाषा विभाग) के वेब पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराया है, वे शीघ्र पंजीकरण कराना सुनिश्चित करे तथा रपटंे गृह मंत्रालय (राजभाषा विभाग) के वेब पोर्टल पर ऑनलाइन भरें। इस कार्य में यदि कोई समस्या आ रही है तो समिति सचिवालय से सहयोग ले सकते हैं। उन्होंने रेडियो सोनडे, रेडियो पवन वेधशाला और केन्द्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबन्धन केन्द्र, खजनी तथा राजभाषा विभाग द्वारा दी गई प्रस्तुति को सराहा। उन्होंने शहीद भगत सिंह की जयंती पर चर्चा करते हुए कहा कि आज शहीद भगत सिंह की जयंती भी है। वे एक क्रान्तिकारी ही नही एक गहरे सामाजवादी विचारक, लेखक और युवाओं के प्रेरणास्रोत भी थे।
सभी का स्वागत करते हुये मुख्य राजभाषा अधिकारी श्री प्रकाश चन्द्र जायसवाल ने कहा कि नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की वर्ष में दो बैठकें आयोजित किये जाने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि हम सभी एक उत्साहवर्धक वातावरण सृजित कर सभी अधीनस्थ अधिकारियों को मूल कार्य हिन्दी में करने के लिये प्रेरित करें।
उप मुख्य राजभाषा अधिकारी श्री मनोज मिश्रा ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि जिन सदस्य कार्यालयों की तिमाही रपट गृह मंत्रालय (राजभाषा विभाग) के वेब पोर्टल पर अपलोड नहीं की गई है, वे यथाशीघ्र इस पर कार्यवाही करें। आज की बैठक में केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र, खजनी और रेडियो सोनडे, रेडियो पवन वेधशाला (मौसम विभाग) की प्रस्तुति काफी सराहनीय रही। मैं उनका धन्यवाद करता हूं। साथ ही, मैं गोरखपुर नगर स्थित केन्द्रीय सरकार के कार्यालयों, उपक्रमों एवं निगमों के प्रमुख का भी आभार प्रकट करता हूँ, जो आज की बैठक में शामिल हुए और राजभाषा हिंदी के प्रयोग-प्रसार हेतु अपने बहुमूल्य सुझाव दिए।
रेडियो सोनडे (मौसम विज्ञान) कार्यालय से मौसम वैज्ञानिक श्री तीर्थेन्द्र बहादुर सिंह के कुशल निर्देशन में वैज्ञानिक सहायक श्री अश्विनी कुमार प्रसाद ने भारत मौसम विज्ञान विभाग की कार्य प्रणाली पर एवं केन्द्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधक केन्द्र, खजनी से सहायक निदेशक (पादप रोग) श्री राहुल मिश्रा ने फसल सुरक्षा पर्यावरण हित विषय पर तथा वरिष्ठ अनुवादक श्रीमती अनामिका सिंह ने महान कवि भारतेन्दु हरिशचन्द्र के जीवनी एवं कृतित्व पर पावर प्वाइंट प्रेेजेन्टेशन के माध्यम से अपनी प्रस्तुति दी। बैठक का संचालन करते हुये राजभाषा अधिकारी श्री गोपाल प्रसाद गुप्ता ने पिछली बैठक के कार्यवृत्त के प्रमुख निर्णयों की अनुपालन स्थिति से सदस्यों को अवगत कराया। बैठक में वरिष्ठ अनुवादक सुश्री सपना खरे ने सफलता पूर्वक सहयोग किया।
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