दक्ष मॉड्यूल आधारित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के लिए दक्ष मॉड्यूल आधारित तीन दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ

प्रयागराज। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), प्रयागराज में माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के लिए ‘दक्ष’ हस्तपुस्तिका पर आधारित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ आज श्री आर्यन विश्वकर्मा, संयुक्त शिक्षा निदेशक, प्रयागराज मंडल द्वारा किया गया।
शुभारंभ अवसर पर संयुक्त शिक्षा निदेशक श्री आर्यन विश्वकर्मा ने प्रधानाचार्यों को संबोधित करते हुए क्षमता संवर्धन, नेतृत्व विकास तथा आध्यात्मिक दृष्टिकोण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एक प्रधानाचार्य का दायित्व केवल विद्यालय के प्रशासन तक सीमित नहीं है, बल्कि वह विद्यालय की शैक्षिक गुणवत्ता, शिक्षक-विद्यार्थी संबंधों तथा सकारात्मक विद्यालयी वातावरण के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इस अवसर पर डायट प्राचार्य एवं उप शिक्षा निदेशक श्री राजेंद्र प्रताप तथा जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. संतोष राय ने भी अपने विचार व्यक्त किए। डॉ. संतोष राय ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए सशक्त नेतृत्व, प्रभावी शैक्षिक प्रबंधन और सतत क्षमता संवर्धन आवश्यक है। उन्होंने प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान एवं कौशल को विद्यालय स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करने पर बल दिया।
प्रशिक्षण के प्रथम दिवस स्टेट स्तर के मुख्य संदर्भदाता श्री वीरभद्र प्रताप एवं श्री मोहम्मद रफीक द्वारा निर्धारित समय-सारणी के अनुसार प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण सत्र में माध्यमिक शिक्षा के ऐतिहासिक एवं विकासात्मक पक्षों, प्रधानाचार्य की भूमिका, शैक्षिक नेतृत्व तथा एक प्रभावी प्रधानाचार्य में अपेक्षित नेतृत्व क्षमता पर व्यवस्थित रूप से चर्चा की गई।प्रशिक्षण को सहभागी एवं गतिविधि-आधारित बनाते हुए विभिन्न गतिविधियों, समूह कार्य, चर्चा एवं सहभागिता के माध्यम से विषय-वस्तु को समझाया गया। सभी प्रतिभागी प्रधानाचार्यों ने प्रशिक्षण में उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा गतिविधियों में रुचि के साथ प्रतिभाग करते हुए अपने अनुभवों को साझा किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों में शैक्षिक नेतृत्व, प्रशासनिक दक्षता, क्षमता संवर्धन एवं विद्यालय की गुणवत्ता में सुधार हेतु आवश्यक कौशलों का विकास करना है। तीन दिवसीय प्रशिक्षण के आगामी सत्रों में भी ‘दक्ष’ मॉड्यूल के विभिन्न आयामों पर गहन एवं व्यावहारिक चर्चा की जाएगी।

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