बुढ़ापे की लकड़ी सेवा समिति का संगीत कार्यक्रम आयोजित

प्रयागराज| बुधवार दिनांक 19 अगस्त 2026 को बुढ़ापे की लकड़ी सेवा समिति प्रयागराज के संगीत प्रकोष्ठ की अव्यवसायिक संगीत प्रेमियों का संगीत कार्यक्रम सनशाइन हाइट्स, लोहिया मार्ग, सिविल लाइन्स में आयोजित किया गया| जिसमें प्रतिभागियों ने साथ एक से बढ़कर एक गानों की श्रृंखला प्रस्तुत की | शरद शान्ग्लू ने वो जब याद आये बहुत याद आये, प्रीता वाजपेयी नाग्माओं शेर की सौगात, शैलेन्द्र श्रीवास्तव कभी कभी मेरे दिल में, आनंद श्रीवास्तव ओ शाम कुछ अजीब थी, पियूष खरे गम की अँधेरी रात में, फरहाना सिद्दीकी आधा है चन्द्रमा रात आधी, अनिल टंडन होठों से छू लो तुम, हरीश श्रीवास्तव रुख से जरा नकाब उठा दो मेरे हुजुर, अशोक महेश्वरी तुमने मुझे देखा होकर मेहरबान, वीरेन्द्र पाण्डेय दिल की तमन्ना थी मस्ती में, योगेन्द्र पाण्डेय एहसान मेरे दिल पर तुम्हारा है दोस्तों, राम किशोर लिखे जो ख़त तुझे वो तेरी याद में, शालिनी खरे तेरी मिटटी में मिल जावां, मंगला मिश्रा जाने क्या बात है नींद नहीं, प्रमोद श्रीवास्तव हमारा नाम बनारसी बाबू, उमेश श्रीवास्तव बहुत प्यार करते हैं तुमको सनम, रागिनी श्रीवास्तव कजरा मुहब्बत वाला अंखियों में ऐसा डाला, राकेश मेहरोत्रा सावन का महीना आये हैं भोलेनाथ, मीना मेहरोत्रा हमके चुनरी ले आये दे, रंजना श्रीवास्तव मुझको अपने गले लगा लो ऐ मेरे हमराही, रागिनी महेश्वरी हाय तूने ओ रंगीले पिया कैसा जादू किया, साधना सिंह बरसेला सावनवा, हरी लाल चलते चलते मेरे यह गीत याद रखना, निशा जयसवाल ऐ मेरे प्यारे वतन, प्रमोद महेश्वरी जो बात तुझमे है एवं डॉ० पी०के० सिन्हा ने लग जा गले एवं तुम मुझे भूल भी जाओ नए अल्फाज़ के साथ प्रस्तुत किया। म्यूजिशियन टीम में जयन्तो बोस एवं गुड्डू भट्ट रहे।

कार्यक्रम का संचालन समिति के अध्यक्ष/संस्थापक सेवानिवृत्त मुख्याचिकित्सधिकारी डॉ० पी०के० सिन्हा ने किया तथा बुढ़ापे की लकड़ी सेवा समिति के कार्यकर्ता विनीत राय, महेंद्र कुमार, क्याम उद्दीन, वन्दिता मिश्र, अर्चना सिंह ने कार्यक्रम संपन्न कराने में विशेष सहयोग प्रदान किया|

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