कानपुर सेंट्रल के डिप्टी सीटीएम आकांक्षु गोविल ने बताया कि प्रयागराज मंडल में पायलट प्रोजेक्ट के तहत 25 जुलाई से प्रयागराज और श्रमशक्ति एक्सप्रेस में यह व्यवस्था लागू की गई है। दोनों ट्रेनों में छह-छह टीटीई की टीमों को सीपी प्लस कंपनी के बॉडी कैमरे उपलब्ध कराए गए हैं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, कैमरे में रिकॉर्ड होने वाली फुटेज किसी भी शिकायत या विवाद की स्थिति में निष्पक्ष साक्ष्य के रूप में काम करेगी। इससे यात्रियों और रेलकर्मियों, दोनों के हितों की सुरक्षा होगी तथा टिकट जांच प्रक्रिया अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनेगी। ट्रायल सफल रहने पर इस व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से अन्य प्रमुख ट्रेनों में भी लागू किया जाएगा।
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