ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा फर्म ‘एम्ब्रे’ के मुताबिक, हमले में अमेरिका के स्वामित्व वाले एक भंडारण सुविधा पोत और ग्रीस के मालिकाना हक वाले टैंकर को निशाना बनाया गया। मिस्र के पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, आग लगने की घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। मंत्रालय ने आग लगने के कारणों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इन ड्रोन हमलों के लिए कौन जिम्मेदार है। अमेरिका का करीबी सहयोगी और क्षेत्र में मध्यस्थ मिस्र पश्चिम एशिया के उन चुनिंदा देशों में से एक है, जो युद्ध के दौरान किसी भी पक्ष की सीधी सैन्य कार्रवाई से बचा रहा है। हालांकि, अगर इन हमलों के पीछे ईरान या उसके सहयोगियों की भूमिका की पुष्टि होती है, तो इससे संघर्ष और तेज हो सकता है।
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