भारत के महान सपूत थे डा कलाम-चंद्रभूषण सिंह यादव

अवुल पाकिर जैनुल आब्दीन अब्दुल कलाम 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम मे पैदा हो परमाणु वैज्ञानिक से लेकर भारत के राष्ट्रपति जैसे महत्वपूर्ण ओहदे को हासिल किए जिन्हें स्मृति दिवस पर नमन है,उक्त बातें रामपुर कारखाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत डुमरी स्थित सपा जन संपर्क कार्यालय पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में व्यक्त करते हुए सपा के पूर्व प्रवक्ता चंद्रभूषण सिंह यादव ने कहा कि कलाम साहब भारत के महान सपूत थे।
सपा के पूर्व प्रवक्ता चंद्रभूषण सिंह यादव ने कहा कि कलाम साहब का मानना था कि सपने वो नहीं जो हम सोते समय देखते हैं, बल्कि सपने वो हैं जो हमें सोने ही नहीं देते। वे कहते थे कि अगर आप सूरज की तरह चमकना चाहते हैं, तो पहले सूरज की तरह जलना सीखिए।अपने मिशन में सफल होने के लिए आपको अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तरह समर्पित होना पड़ेगा।हमें कभी हार नहीं माननी चाहिए और समस्याओं को खुद पर हावी नहीं होने देना चाहिए।वे मानते थे कि ज्ञान के बिना रचनात्मकता का कोई मतलब नहीं है और रचनात्मकता के बिना ज्ञान अधूरा है।विज्ञान मानवता के लिए एक सुंदर उपहार है, हमें इसे विकृत या नष्ट नहीं करना चाहिए। कलाम साहब के स्मृति दिवस पर उपस्थित मुरलीधर, व्यास यादव, गोविंद यादव, दयानंद यादव, रामप्यारे यादव, झुल्लर अंसारी,अभिषेक गुड्डू गोंड, संतोष मद्धेशिया, अयोध्या वर्मा, नगीना यादव, मिथिला वर्मा, नारायण प्रसाद, बेलभद्र गोंड, शंकर गोंड,सुरेश नारायण सिंह, विजयी प्रसाद, उत्तिम यादव, जितेंद्र यादव, लोरिक यादव, लालसा यादव, चंद्रिका यादव,राम हर्ष यादव आदि ने उनके चित्र के समक्ष श्रद्धावानत हो नमन किया।

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