डॉ. कलाम का जीवन बताता है कि बड़े सपने, दृढ़ संकल्प बड़ी ताकत हैं-महापौर

भारत के पूर्व राष्ट्रपति, भारत रत्न एवं ‘मिसाइल मैन’ के नाम से विश्वभर में प्रसिद्ध महान वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि के अवसर पर नगर निगम प्रयागराज में महापौर गणेश केसरवानी एवं पार्षदों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने दो मिनट का मौन रखकर राष्ट्र के महान सपूत को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए महापौर गणेश केसरवानी ने कहा कि डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम केवल एक महान वैज्ञानिक या देश के राष्ट्रपति ही नहीं थे, बल्कि वे भारत के करोड़ों युवाओं के प्रेरणास्रोत थे। उनका संपूर्ण जीवन सादगी, राष्ट्रभक्ति, ज्ञान, अनुशासन और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने अपने अथक परिश्रम, वैज्ञानिक सोच और दूरदृष्टि से भारत को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाई। महापौर ने कहा कि 11 एवं 13 मई 1998 को पोखरण में सफल परमाणु परीक्षण के माध्यम से भारत को परमाणु शक्ति सम्पन्न राष्ट्र बनाने में डॉ. कलाम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके वैज्ञानिक नेतृत्व और समर्पण ने भारत की सामरिक शक्ति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और देश को आत्मविश्वास से भर दिया। उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की दूरदर्शी सोच और नेतृत्व के कारण डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम देश के 11वें राष्ट्रपति बने। राष्ट्रपति के रूप में उन्होंने राष्ट्र निर्माण, शिक्षा, विज्ञान, नवाचार और युवाओं को सशक्त बनाने के लिए उल्लेखनीय कार्य किए। वे सदैव विद्यार्थियों और युवाओं के बीच रहकर उन्हें बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और देश के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित करते रहे। महापौर ने डॉ. कलाम के प्रसिद्ध प्रेरक विचार को स्मरण करते हुए कहा कि “सपने वो नहीं होते जो सोते समय देखे जाते हैं, बल्कि सपने वो होते हैं जो आपको सोने नहीं देते।” उन्होंने कहा कि यह विचार आज भी देश के युवाओं को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा देता है। डॉ. कलाम का संपूर्ण जीवन प्रत्येक भारतीय के लिए एक प्रेरणादायी आदर्श है और राष्ट्र उनके अमूल्य योगदान का सदैव ऋणी रहेगा। इस अवसर पर महापौर ने उपस्थित सभी लोगों से आह्वान किया कि डॉ. कलाम के आदर्शों, वैज्ञानिक सोच और राष्ट्र प्रथम की भावना को अपने जीवन में आत्मसात करते हुए विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं। इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भोला लाल होता तिवारी, आशीष द्विवेदी, सुनीता चोपड़ा, सलामत उल्लाह, जिया उबैद, आज़ाद अहमद, स्वारिका भारद्वाज, अरुण सिंह, रितेश मिश्रा, अनिल गुप्ता, अमरजीत सिंह, रामलोचन, भगवान दास, रुद्र सेन जायसवाल, शिवा भारतीय, अनिल कुशवाहा, दिव्यांशु शुक्ला सहित अनेक पार्षद, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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