यह एक ऐतिहासिक जीत थी, इसी प्रकार अखिलेश सरकार द्वारा गिर्राज के तीन मंदिर व बांके बिहारी के अधिग्रहण की कार्यवाही के अंतर्गत महासभा द्वारा विराट धरना प्रदर्शन किया गया, उस समय अखिलेश सरकार को वह निर्णय वापस लेना पड़ा ।तदोपरांत बांके बिहारी के अधिग्रहण की कार्यवाही वर्तमान उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पुनः की गयी जिसका विरोध हम लोगों ने किया और अभी भी लड़ाई जारी है, हम कहीं भी तीर्थ पुरोहितों के हितों पर कुठाराघात की कार्यवाही होगी तो महासभा उसका पूरजोर विरोध प्रदर्शन करेगी साथ ही वर्तमान में अयोध्या स्थित राम मंदिर पर जिस प्रकार की घटना घटित हुई है उसे पूरा राष्ट्र शर्मसार है क्योंकि इसका अप्रत्यक्ष प्रभाव पुजारी पुरोहितों पर पड़ता है जो समाज में निंदा से दृष्टिगोचर होता है महासभा प्रदेश सरकार की राम मंदिर संबंध परिषद के संबंध में भी सुधार की मांग करती है और परंपरा से जुड़े श्री राम मंदिर समिति या परिषद में यथोचित स्थान देने की मांग करती है खिलाफ संवैधानिक कार्यवाही का की मांग करती है वहीं पुरानी परम्पराओं को तोड़ने की प्रांत सरकारों द्वारा कुचेष्टा की जा रही है, नाशिक में रामघाट पर जो प्राचीन समय से आरती होती चली आई है उस परम्परा को तोड़ने का प्रयास किया, सरकार द्वारा समानांतर आरती शुरु कराई गयी, जिसका स्थानीय तीर्थ पुरोहितों द्वारा पुरजोर विरोध करके उसे बंद कराया गया। वर्तमान में इसी प्रकार उज्जैन तीर्थ में क्षिप्रा नदी में रामघाट पर जो परम्परागत रुप से आरती हो रही है उसे भी बंद कराने की कुचेष्टा की जा रही है, जिसका हर स्तर पर महासभा पुरजोर विरोध करेगी, वर्तमान में सभी घटनाओं की दृष्टिगत रखते हुए अखिल भारतीय से जुड़े तीर्थ पुरोहितों में भारी नाराजगी है।आज यह भी निर्णय लिया गया कि संगठन को मजबूत करने के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया जो विभिन्न तीर्थों में जाकर वहां की समस्याओं को सुनेगें, तत्पश्चात महासभा के द्वारा अध्यक्ष महोदय की सहमति से सम्बन्धित राज्य के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर उसका निदान कराया जाएगा, युवा अध्यक्ष अरविन्द मुरलीधरन द्वारा अस्वासन दिया गया, मैं प्रत्येक तीर्थों में मै टीम बनाकर भ्रमण करके समस्याओं की लड़ाई लड़ूंगा, उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत में सभी पांचों प्रांतों में १२ नये तीर्थों को महासभा में जोड़ा गया है, आगे तीव्र गति से कार्य करेगें। गया और बैद्यनाथ धाम का दौरा सितम्बर माह में करेंगे और युवा समिति में युवाओं को जोड़कर इसका विस्तार करेगें, उन्होंने कहा कुछ माह के भीतर ही पांच हजार युवाओं को जोड़ा जाएगा, और महासभा के निर्देशन में कार्य किया जाएगा। उक्त बैठक को सम्बोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि जो निर्णय लिये गये हैं, हमें कैसे आगे संगठन को मजबूत करना है, हमें कुछ कड़क निर्णय भी संगठन के हित में उठाने होंगे, इसी संदर्भ में लीगल सेल एवं संविधानिक विधि सलाहकार नियुक्त किया गया।
अध्यक्ष द्वारा यह निर्देश दिया गया कि संगठन के मजबूती हेतु अपने अपने तीर्थों में जाकर कार्य करें और महासभा को मजबूती प्रदान करें। तथा उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री से मुलाकात का समय मांगा जा रहा पर वे मुलाकात का समय नहीं दे रहे हैं, ऐसे में आगामी विधानसभा चुनाव में इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। बैठक का संचालन मथुरा से पधारे वरिष्ठ महामंत्री श्री नवीन नागर चतुर्वेदी जी ने किया।
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