समाजवादी पुरखा,स्वतंत्रता सेनानी एवं महानतम शिक्षाविद आचार्य नरेन्द्रदेव एवं भारत रत्न , पूर्व उप प्रधानमंत्री सरदार पटेल को उनकी जयंती पर नमन करते हुए रामपुर कारखाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत डुमरी स्थित सपा जनसंपर्क कार्यालय पर आयोजित जयंती कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त करते हुए सपा के पूर्व प्रवक्ता चंद्रभूषण सिंह यादव ने कहा कि आचार्य जी 1930 में सविनय अवज्ञा आन्दोलन में जेल गये। 1934 में कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी के प्रथम अधिवेशन की अध्यक्षता किये। 1942 के भारत छोडो आन्दोलन में सक्रिय भागीदारी करते हुए पुनः जेल गये। अहमदनगर किला जेल में नजरबंदी काटे। कई विश्वविद्यालयो में उपकुलपति रहे आचार्य नरेंद्रदेव 1955 में प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के गया सम्मेलन की अध्यक्षता किये।वे एक महान समाजवादी पुरोधा थे जिन्हें हम जयंती पर नमन करते हैं।
सपा के पूर्व प्रवक्ता चंद्रभूषण सिंह यादव ने सरदार पटेल को सशक्त भारतीय गणराज्य के निर्माण में महती भूमिका निभाने वाला महानतम स्वतंत्रता सेनानी बताते हुए कहा कि सरदार पटेल ने देश में स्थित सभी छोटी- बड़ी 565 रियासतों का विलय कराके अखंड भारत बनाया।वे सांप्रदायिकता के घोर विरोधी थे। हम उन्हें जयंती पर पूरी शिद्दत से याद करते हुए नमन करते हैं।
उक्त अवसर पर उपस्थित मंजूर हसन,सुरेश नारायण सिंह यादव, रामप्यारे यादव,जितेंद्र यादव बुलबुल,कुंदन भूषण,संतोष मद्धेशिया,अयोध्या यादव, मौलाना रहीम, बेलभद्र गोंड,उत्तिम यादव,नाजिर अंसारी, श्यामराज कन्नौजिया,योगेंद्र यादव,गोविंद यादव आदि ने आचार्य नरेंद्रदेव एवं सरदार पटेल के चित्र के समक्ष अपना शीश नवाते हुए श्रद्धांजलि अर्पित किया।
September 20, 2026
sangamshapath Comments Off on गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए गठित हो रही एंटी रैगिंग कमेटी में युवा चेतना समिति को भी शामिल किया जा रहा है। विश्वविद्यालय के नियंता एवं विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट कार्यालय ने समिति के अध्यक्ष मांधाता सिंह को पत्र भेजकर स्वयं अथवा अपने किसी प्रतिनिधि का नाम प्रस्तावित करने को कहा है। विश्वविद्यालय की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि रैगिंग जैसी अमानवीय और भयावह कुप्रथा की रोकथाम एवं उन्मूलन के लिए शासन तथा विश्वविद्यालय प्रशासन के निर्देशों के क्रम में एंटी रैगिंग कमेटी का गठन किया जाना है। इसी प्रक्रिया के तहत युवा चेतना समिति से भी सहभागिता मांगी गई है। इस क्रम में युवा चेतना समिति के अध्यक्ष मांधाता सिंह ने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के.पी. सिंह से मुलाकात की। दोनों के बीच छात्रहित, युवा जागरूकता, सामाजिक सरोकारों और शैक्षणिक वातावरण को अधिक सकारात्मक एवं संवेदनशील बनाने को लेकर चर्चा हुई।मांधाता सिंह ने कुलपति को युवा चेतना समिति की गतिविधियों तथा सामाजिक, शैक्षणिक और वैचारिक क्षेत्र में किए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी दी और मुख्य संरक्षक के रूप में मार्गदर्शन देने का आग्रह किया, जिस पर कुलपति ने सकारात्मक सहयोग का आश्वासन दिया। मांधाता सिंह ने कहा कि रैगिंग की रोकथाम के लिए केवल नियम और कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के बीच संवाद, संवेदनशीलता और परस्पर सम्मान की भावना विकसित करना भी जरूरी है। युवा चेतना समिति विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ मिलकर छात्रहित और जागरूकता के कार्यक्रमों में सहयोग के लिए तैयार है।
रायबरेली, 19 सितम्बर 2026 जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में...