महाप्रबन्धक श्री उदय बोरवणकर ने रेल कर्मियों को संदेष देते हुए कहा कि मेरा विष्वास है कि हमारे देष की आर्थिक, राजनीतिक तथा सामाजिक प्रगति में भ्रष्टाचार एक बड़ी बाधा है। मेरा विष्वास है कि भ्रष्टाचार उन्मूलन करने के लिये सभी संबंधित पक्षों जैसे सरकार, नागरिकों तथा निजी क्षेत्र को एक साथ मिलकर कार्य करने की आवष्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को सर्तक होना चाहिये तथा उसे सदैव ईमानदारी एवं सत्यनिष्ठा के उच्चतम मानकों के प्रति वचनबद्व होना चाहिये और भ्रष्टाचार के विरूद्व संघर्ष में साथ देना चाहिये। महाप्रबन्धक ने रेल कर्मियों को जीवन के सभी क्षेत्रों में ईमानदारी तथा कानून के नियमों का पालन करने, न तो रिष्वत लेने और न ही रिष्वत देने, सभी कार्य ईमानदारी तथा पारदर्षी रीति से करने, जनहित में कार्य करने, अपने निजी आचरण में ईमानदारी दिखाकर उदाहरण प्रस्तुत करने, भ्रष्टाचार की किसी भी घटना की रिपोर्ट उचित एजेन्सी को देने की शपथ दिलाई।
सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अन्तर्गत सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा पूर्वोत्तर रेलवे के तीनों मंडलों एवं कार्यालयों में रेल कर्मियों को दिलायी गयी।
इसी क्रम में अपराह्न में बहुविषयक पद्धति प्रषिक्षण केन्द्र, गोरखपुर में रेल कर्मचारियों के लिये सतर्कता क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
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