अपराजिता पौधे की जरुरतें को समझना जरुरी है
– अपराजिता के फूलों को खिलाने के लिए सबसे जरुरी है कि कम से कम 6 घंटे की डायरेक्ट धूप मिलना जरुरी है। पौधे को भूलकर भी छाया में न रखें, इससे पत्तियां बढ़ेंगी लेकिन फूलों की संख्या कम हो जाएगी।
– इस पौधे को एसिडिक मिट्टी पसंद होती है। गमले की मिट्टी को हल्का अम्लीय बनाए रखना बेहद जरुरी है। जिससे पौधे पर फूल पाने का यही एक उपाय है।
– गमले में पानी रुकना नहीं चाहिए। पानी तभी दें जब ऊपरी मिट्टी सूख जाए। मिट्टी के सड़ने से भी फूल नहीं आते।
पहली फ्री की चीज
हम सभी के घर में रोजाना चाय बनती है, इस्तेमाल की गई चाय पत्ती को अच्छे से धो लें ताकि उसमें दूध और चीनी पूरी तरह से निकल जाए। इस चाय पत्ती को धूप में अच्छे से सुखा लें, नमी रहने पर फंगस लग सकती है। हर 15 से 20 दिन में, गमले की मिट्टी की गुड़ाई करके, 1 से 2 चम्मच सूखी चाय पत्ती पौधे के चारों ओर मिला दें। सूखी चाय पत्ती में नाइट्रोजन पाई जाती है, जो कि पौधे को हरा-भरा रखता है। जब मिट्टी एसिडिक हो जाएगी तो इसमें फूलों की संख्या बढ़ जाएगी।
दूसरी फ्री की चीज
मानसून के समय पौधों को अधिक नमी मिल जाती है, जिससे जड़े और मिट्टी सड़ने लगती है। ऐसे में मिट्टी को हेल्दी रखने में हल्दी बहुत ही बढ़िया होती है। हल्दी एक प्राकृतिक एंटी-फंगल और एंटी-बैक्टीरियल एजेंट है। महीने में एक बार लगभग आधा चम्मच हल्दी पाउडर गमले की मिट्टी में डालकर गुड़ाई कर दें। यह मिट्टी को हेल्दी रखेगा और फूल आने में काफी मदद करता है।
दोनों को एक-साथ खाद में डालें
आप चाहे तो खाद के तौर पर दोनों के एक साथ डाल सकते हैं। खाद डालने से पहले सुनिश्चित करें कि गमले की मिट्टी पूरी तरह सूखी हो। इसके बाद मिट्टी की गुड़ाई करने के बाद 1 से 2 चम्मच सूखी चाय पत्ती और आधा चम्मच हल्दी पाउडर दोनों मिलाकर मिट्टी में डाल सकते हैं।
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