रूस और बेलारूस द्वारा शुरू किया गया “ज़ापाद-2025” सैन्य अभ्यास केवल एक नियमित युद्धाभ्यास नहीं है; यह NATO की सीमा के पास एक स्पष्ट शक्ति प्रदर्शन और राजनीतिक संदेश भी है। बाल्टिक और बारेंट्स सागर में फैले इस अभ्यास ने यह संकेत दे दिया है कि रूस न केवल अपनी सैन्य तैयारी को मजबूत कर रहा है, बल्कि पश्चिमी दुनिया को चेतावनी देने की रणनीति भी अपना रहा है। यह अभ्यास, ऐसे समय में हो रहा है जब रूस-यूक्रेन युद्ध अपने निर्णायक चरण में है और सीमाओं के पार सुरक्षा…
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