जेन-जी का गुस्सा सिर्फ घोटाले पर ही नहीं बल्कि ‘नेपो बेबीज’ यानी भ्रष्ट नेताओं और ठेकेदारों की संतानों को लेकर भी है, जो सोशल मीडिया पर अपनी ऐशो-आराम भरी जिंदगी दिखाती हैं। पिछले कई साल से बाढ़ से जूझ रहे लोगों का गुस्सा है कि हमारा टैक्स लक्जरी कारों पर फूट पड़ा। प्रदर्शनकारियों का कहना विदेशी यात्राओं पर बहा दिया। इस घोटाले का खुलासा तब हुआ, जब फिलीपींस के अरबपति कंस्ट्रक्शन कारोबारी दंपती पैसिफिको और सारा डिसकाया ने सीनेट के सामना अपनी गवाही में बताया कि बाढ़ नियंत्रण प्रोजेक्ट के ठेके लेने के लिए उन्हें सांसदों और लोक निर्माण विभाग के कई अधिकारियों को 25% तक कमीशन देना पड़ा।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि टैक्स का पैसा लोगों को बाढ़ से बचाने के लिए बुनियादी ढांचे पर खर्च होना चाहिए था, उसे नेताओं की विलासिता पर उड़ाया गया। मनीला के पास एक कस्बे, अपालिट की 36 वर्षीय सरकारी स्कूल शिक्षिका क्रिसा टोलेंटिनो, लंबे समय से बाढ़ को जीवन का एक हिस्सा मानती रही हैं। वह बाढ़ग्रस्त सड़कों पर पैडल बोट से यात्रा करके काम पर और कैंसर के इलाज के लिए क्लिनिक जाती हैं। वह कहती हैं कि सूखी सड़कें दुर्लभ हैं, जो साल में केवल दो महीने ही देखने को मिलती हैं।
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