सिख्स फॉर जस्टिस (एसएफजे) ने गुरुवार को को वेंकुवर स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास (कांसुलेट) के ‘घेराव’ का ऐलान किया है। एसएफजे ने नागरिकों से अपील की है कि उस दिन दूतावास न जाएं। समूह ने एक पोस्टर भी जारी किया है जिसमें नए भारतीय उच्चायुक्त दिनिश पटनायक की तस्वीर पर निशाना साधा है। उनका आरोप है कि भारतीय दूतावास खालिस्तानी समर्थकों पर नजर रखता है। एसएफजे का दावा है कि खतरे के चलते कनाडा पुलिस को निज्जर के उत्तराधिकारी इंदरजीत सिंह गोसल को ‘विटनेस प्रोटेक्शन’ में रखना पड़ा। हालांकि भारत ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। खालिस्तानी संगठनों के प्रदर्शनों को देखते हुए वेंकुवर स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास की सुरक्षा बढ़ाई गई है।
सिख्स फॉर जस्टिस ने इस ‘घेराव अभियान’ के लिए वेंकुवर को इसलिए चुना है क्योंकि यह खालिस्तानी गतिविधियों का गढ़ माना जाता है। हरदीप सिंह निज्जर की हत्या भी जून 2023 में ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के सरे स्थित गुरुद्वारे के बाहर हुई थी, जिसने खालिस्तान समर्थकों में बड़ा असंतोष पैदा किया। वेंकुवर में भारतीय दूतावास लंबे समय से उनके निशाने पर रहा है। वेंकुवर से संदेश देने पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक प्रभाव पड़ेगा, क्योंकि यह खालिस्तानी आंदोलन का प्रमुख केंद्र है और यहां बड़ी संख्या में पंजाबी प्रवासी रहते हैं।
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