Trump के विमान को उड़ाने की थी साजिश? पायलट को डांटा और तुरंत मोड़ लिया गया प्लेन, वरना…

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का विमान आसमान में संकट में आ गया। उसके बाद से सवाल उठने लगे कि क्या ये कोई बड़ी साजिश थी। दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप ब्रिटेन के दौरे पर जा रहे थे। तभी न्यूयॉर्क में उनके विमान के पास एक पैसेंजर जेट आया। दोनों विमानों के बीच में 18 किलोमीटर की दूरी थी। आपको ये सुनकर दूरी थोड़ी ज्यादा लगे। लेकिन एयर ट्रैफिक कंट्रोल के नियम के अनुसार ये दूरी कम थी। जिसके बाद तमाम तरह के सवाल उठ रहे हैं। ट्रंप के साथ या फिर उस पैसेंजर विमान के साथ कोई बड़ी घटना घट सकती थी। तुरंत पैसेंजर विमान को आदेश दिया गया कि आप 20 डिग्री टर्न लेकर दूरी बनाए ताकी कोई अनहोनी न हो।

अपने टैरिफ और विभिन्न फैसले को लेकर दुनिया के साथ ही अपने देश में घिरने वाले डोनाल्ड ट्रंप को लंदन जाना था। लंदन की ओर उनका विमान जा रहा था। तभी स्पिल्ट एयरलाइंस की एक पैसेंजर फ्लाइट काफी नजदीक से गुजरती दिखाई दी। दोनों विमानों का आमना सामना न्यूयॉर्क के आसमान में हुआ। हालाँकि विमानों के बीच की दूरी सुरक्षा सीमा के भीतर थी, फिर भी नियंत्रक और चालक दल के बीच रेडियो पर हुई बातचीत की एक रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर लोकप्रिय हो गई। इस रिकॉर्डिंग में नियंत्रक के निर्देश और स्पिरिट पायलटों को आईपैड दूर रखने की ज़रूरत के बारे में एक तीखी टिप्पणी दर्ज है।

राष्ट्रपति ट्रम्प की यूनाइटेड किंगडम की राजकीय यात्रा के दौरान, कुछ रोचक घटनाएँ भी घटीं। उन्होंने एक कार्यक्रम में शाही प्रोटोकॉल तोड़ते हुए, राजा चार्ल्स तृतीय की पीठ थपथपाई और उनसे आगे निकल गए। इन घटनाओं ने यात्रा के दौरान मीडिया और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना दिया। विमानन क्षेत्र में ऐसे मामले दर्शाते हैं कि सुरक्षा नियमों का पालन करना कितना महत्वपूर्ण है। राष्ट्रपति के विमान के साथ हुई घटना हवाई यातायात नियंत्रकों की व्यावसायिकता के महत्व को उजागर करती है, जिन्हें तनावपूर्ण परिस्थितियों में खतरों का तुरंत जवाब देना होता है। ट्रम्प जैसे हाई-प्रोफाइल व्यक्तियों की यात्राएँ हमेशा काफ़ी ध्यान आकर्षित करती हैं, जिससे कुछ अजीबोगरीब घटनाएँ हो सकती हैं, लेकिन अंततः सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहती है।

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