सुभाष आनंद पंजाब में विधानसभा चुनाव निकट हैं और सभी राजनीतिक दल सक्रिय हो चले हैं। प्रदेश में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी चुनाव को लक्ष्य मानकर घोषणाओं और तोहफों की झड़ी लगा रही है। परंतु विगत चार वर्षों का लेखा-जोखा इन घोषणाओं से अधिक महत्वपूर्ण है। इस अवधि में किसानों की आत्महत्या, सरकारी कर्मचारियों की स्थिति, व्यापारियों और उद्योगपतियों की कठिनाइयां तथा मजदूरों पर हुई पुलिस कार्रवाई जैसे प्रश्न आज भी अनुत्तरित हैं। जनता की स्मृति इतनी क्षीण नहीं है, जितनी सत्ता पक्ष मान रहा है। वर्तमान में पंजाब दोहरी…
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