एडवोकेट किशन सनमुखदास वैश्विक स्तरपर इक्कीसवीं सदी में नशा और मादक पदार्थों का अवैध व्यापार केवल कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं रह गया है,बल्कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य,पारिवारिक सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण,युवा भविष्य,आर्थिक विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी बहु आयामी चुनौती बन चुका है। नशीले पदार्थों का जाल किसी एक व्यक्ति को प्रभावित करके नहीं रुकता, बल्कि धीरे-धीरे पूरे परिवार की आर्थिक स्थिरता, मानसिक शांति और सामाजिक प्रतिष्ठा को प्रभावित करता है। जब किसी घर का युवा,पति,पिता, भाई या अन्य सदस्य नशे की गिरफ्त में आता है,तब उसका सबसे गहरा और दीर्घकालिक…
![]()
