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राजभाषा एवं विज्ञान व्याख्यानमाला का आयोजन
भा.वा.अ.शि.प.-पारिस्थितिक पुनर्स्थापन केन्द्र, प्रयागराज द्वारा हिन्दी मास 2025 के अन्तर्गत दिनांक 15.09.2025 को हिन्दी साहित्य में विज्ञान एवं पर्यावरणीय स्वर विषय पर राजभाषा एवं विज्ञान व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि डॉ. रविनंदन सिंह, साहित्यकार एवं सम्पादक-सरस्वती हिन्दी पत्रिका द्वारा किया गया। केन्द्र प्रमुख डॉ. संजय सिंह ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए कहा कि राजभाषा एवं विज्ञान व्याख्यानमाला का उद्देश्य वैज्ञानिक विषयों को सरल, सुगम और प्रभावी रूप में हिन्दी भाषा में प्रस्तुत करना है, जिससे विज्ञान आमजन तक अपनी मातृभाषा में पहुँचे। इसी क्रम में उन्होने कहा कि यह व्याख्यानमाला भारतीय वैज्ञानिक संस्थानों, विश्वविद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से आयोजित की जाती है, जिसमें प्रमुख वैज्ञानिक, शोधकर्ता एवं भाषा विशेषज्ञ भाग लेते हैं। कार्यक्रम को मुख्य उद्देश्य हिन्दी में वैज्ञानिक शब्दावली का विकास, तकनीकी लेखन को प्रोत्साहन एवं छात्रों व शोधार्थियों को विज्ञान की ओर आकर्षित करना है। मुख्य अतिथि डॉ. रविनंदन सिंह ने व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए कहा कि हिन्दी जैसी व्यापक जनभाषा में विज्ञान की समझ विकसित करना राष्ट्र की प्रगति के लिए आवश्यक है। यह व्याख्यानमाला हिन्दी को केवल सांस्कृतिक ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक अभिव्यक्ति की भी सशक्त भाषा के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है। उन्होने कहा कि हिन्दी साहित्य केवल भावनात्मक या सामाजिक विषयों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उसने विज्ञान और पर्यावरण जैसे ज्वलंत मुद्दों को भी गहराई से प्रस्तुत किया है साथ ही साहित्य समाज को वैज्ञानिक दृष्टिकोण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का सशक्त माध्यम बना है। कार्यक्रम के अन्त में धन्यवाद ज्ञापन केन्द्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अनुभा श्रीवास्तव द्वारा किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन हरीश कुमार, प्रवर श्रेणी लिपिक द्वारा किया गया। केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अनीता तोमर, आलोक यादव, डॉ. कुमुद दूबे के साथ अन्य कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।
