सात्विक और चिराग ने पहले और तीसरे गेम में अपना दबदबा बनाए रखा। दूसरे गेम में भी वे पिछड़ने के बाद लगातार चार अंक जीतकर स्कोर को 20-20 पर ले आए लेकिन चिराग की एक गलत सर्विस ने मलेशियाई जोड़ी को मौका दे दिया और वे दो अंकों के अंतर से ये गेम जीत गए। सात्विक और चिराग के लिए सेमीफाइनल तक का सफर आसान नहीं था।
इससे पहले 11 सितंबर को दोनों ने थाईलैंड के पीराचई सुकपुन और पक्कापोन टीरारात्सकुल को 18-21, 21-15, 21-11 से हराया था। थाई जोड़ी ने पहले गेम में कड़े नेट खेल और मजबूत डिफेंस से भारतीयों को चौंका दिया था लेकिन वर्ल्ड चैंपियनशिप के ब्रॉन्ज मेडल विजेता सात्विक-चिराग ने दूसरे गेम में अपनी आक्रामकता बढ़ाई और मैच पर पकड़ बना ली।
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