डायट प्रयागराज परिसर में मेजर ध्यानचंद की जयंती पर राष्ट्रीय खेल दिवस का प्रेरक आयोजन

खेल केवल मनोरंजन नहीं, जीवन का अनुशासन और आत्मविश्वास हैं।” — *श्री राजेन्द्र प्रताप, प्राचार्य, डायट प्रयागराज*
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, प्रयागराज में राष्ट्रीय खेल दिवस तथा हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती बड़े उत्साह और गरिमा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रार्थना सभा में मेजर ध्यानचंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुआ।
डायट प्रचार श्री राजेन्द्र प्रताप ने मेजर ध्यानचंद के जीवन व योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व के लिए खेलों की प्रेरणा हैं। उन्होंने ओलंपिक स्वर्ण पदकों के माध्यम से भारतीय हॉकी का परचम लहराया और अपने अद्वितीय कौशल से “हॉकी का जादूगर” कहलाए।
इस अवसर पर वक्तव्य देते हुए प्रवक्ता श्री शशांक सिंह और डॉ. प्रसून सिंह ने खेलों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि खेल जीवन में अनुशासन, सहयोग और नेतृत्व क्षमता विकसित करते हैं तथा मेजर ध्यानचंद जैसी महान हस्तियाँ युवा पीढ़ी के लिए आदर्श हैं।
इसके उपरांत पुरुष व महिला प्रशिक्षु वर्ग में कबड्डी प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। पुरुष वर्ग में टीम A (कप्तान विपिन यादव) और टीम B (कप्तान राहुल दुबे) के बीच मुकाबला हुआ। महिला वर्ग में टीम A की कप्तान अंजलि द्विवेदी और टीम B की कप्तान अंजलि पांडे रहीं। मैच रेफरी के रूप में प्रशिक्षु सुशील गुप्ता और सिद्धांत मिश्रा ने दायित्व निभाया। खेल का शुभारंभ करते हुए डायट प्रचार श्री राजेन्द्र प्रताप ने खिलाड़ियों से हाथ मिलाकर उनका उत्साहवर्धन किया और टॉस कर खेल का संचालन प्रारंभ कराया।
पूरे कार्यक्रम का संचालन प्रवक्ता शिक्षा शास्त्र श्री शशांक सिंह ने उत्कृष्ट समन्वय के साथ किया। प्रतियोगिताओं में पुरुष और महिला दोनों वर्गों में टीम A ने शानदार जीत दर्ज की।
कार्यक्रम के अंत में अपने उद्बोधन में डायट प्रचार श्री राजेन्द्र प्रताप ने कहा
“जीवन में खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि अनुशासन, सहयोग और आत्मविश्वास की पाठशाला है। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का विकास होता है। मेजर ध्यानचंद की जयंती पर हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम खेल भावना को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएँ।”

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