सोशल मीडिया पर ट्रंप की बीमारी के प्रमाण दिए जा रहे हैं। व्हाइट हाउस में दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति से ट्रंप की मुलाकात हो रही थी। इस दौरान राष्ट्रपति ट्रंप के दाहिने हाथ पर गहरे काला नीला निशान नजर आता है। ट्रंप दाहिने हाथ को बाये हाथ से ढकने की बार बार कोशिश करते हैं। लेकिन फिर भी निशान एकदम क्लीयर नजर आ रहा था। कुछ महीने में कई बार ट्रंप के हाथ पर इस तरह के गहरे नीले रंग के निशान की तस्वीरें सामने आई हैं। फरवरी में भी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात के दौरान ट्रंप के हाथों पर ये निशान नोटिस किया गया था।
अलास्का में ट्रंप और पुतिन की मुलाकात का एक वीडियो खासा चर्चा का विषय बना था। ट्रंप लाल कालीन पर चलते समय डगमगाते नजर आए। ट्रंप का दाहिना पैर उन्हें बाईं ओर ढकेल रहा था। फिर ट्रंप इसे संतुलित करने की कोशिश में दूसरी ओर जा रहे थे। ट्रंप नशे में नहीं दिख रहे थे। फिर भी अपने पैरों पर कंट्रोल खो रहे थे। ट्रंप बार बार कहते हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच सदियों से दुश्मनी है। अमेरिका का राष्ट्रपति जानबूझकर 79 साल पहले अलग हो चुके दो देशों के बीच सदियों की शत्रुता की बात क्यों करेगा?
इट हाउस की ओर से दलील दी गई है कि ट्रंप के हाथ पर निशान लगातार हाथ मिलाने और कार्डियोवस्कुलकर बीमारी की रोकथाम के लिए ली जाने वाली एस्पिरिन के नियमित सेवन से हुई मामली त्वचा की जलन का नतीजा है। ट्रंप को क्रॉनिक वेनस इन्सफिशिएंसी यानी सीवीआई नाम की बीमारी है, जो 70 साल की उम्र से ऊपर लोगों में सामान्य बात है। हालांकि दुनिया ही नहीं खुद अमेरिकी लोग भी इस दलील को पचा नहीं पा रहे हैं। कैलिफोर्निया के गवर्नर न्यूसम ने ट्रंप का एक वीडियो रिट्वीट करते हुए एआई चैटबॉट ग्रोक से पूछा कि क्या डिमेंशिया का शिकार हुए लोग बार-बार झूठे बयान दोहराते हैं। चैटबॉट ने हां में जवाब दिया तो बतौर कैप्शन उन्होंने उस जवाब को पोस्ट कर दिया। इसे राष्ट्रपति ट्रंप की याददाश्त और मानसिक स्थिति पर तंज कहा गया है।
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