तिरुवल्लूर ज़िले में इंडियन बैंक (मुख्यालय चेन्नई) द्वारा आयोजित वित्तीय समावेशन कार्यक्रम में जानकीरामन ने ऐसे आयोजनों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर लोगों को बैंक शाखा में जाए बिना ही अपना री-केवाईसी (अपने ग्राहक को जानें) पूरा करने में मदद करते हैं।
इंडियन बैंक की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आरबीआई के डिप्टी गवर्नर ने कहा, वित्तीय समावेशन का मतलब केवल बैंकिंग तक पहुंच प्रदान करना नहीं है, बल्कि वित्तीय साक्षरता के माध्यम से लोगों को अपने जीवन को बेहतर बनाने और देश की आर्थिक प्रगति में योगदान करने में सक्षम बनाना भी है।
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