राशि हस्तांतरित करते हुए काशी में प्रधानमंत्री ने कहा कि आज यहां एक विराट किसान उत्सव का आयोजन हो रहा है। देश के 10 करोड़ किसान भाई-बहनों के खातों में 21 हजार करोड़ रुपए पीएम किसान सम्मान निधि के रूप में भेजे गए हैं। और जब काशी से धन जाता है तो वो अपनेआप में प्रसाद बन जाता है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकारी निरंतर किसानों की खुशहाली के लिए काम कर रही है। पहले की सरकारों में किसानों के नाम पर एक घोषणा भी पूरी होना मुश्किल होता था, लेकिन भाजपा सरकार जो कहती है वो करके दिखाती है। आज पीएम किसान निधि सरकार के पक्के इरादे का उदाहरण बन चुकी है।
विपक्ष पर तंज कसते हुए मोदी ने कहा कि 2019 में जब पीएम किसान सम्मान निधि शुरू हुई थी तब सपा, कांग्रेस जैसे विकास विरोधी दल कैसे-कैसे अफवाहें फैला रहे थे, लोगों को गुमराह कर रहे थे। आप बताइए, क्या इतने दिनों में कभी एक भी किस्त बंद हुई क्या? पीएम किसान निधि बिना ब्रेक के जारी है। आज तक पौने 4 लाख करोड़ रुपए किसानों के खातों में भेजे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि कोई बिचौलिया नहीं, कोई कट कमीशन नहीं, कोई हेराफेरी नहीं… सीधे ये पैसे किसानों के खाते में पहुंचे हैं। मोदी ने इसे परमानेंट व्यवस्था बना दी है। ना लीकेज होगी, ना गरीब का हिस्सा छीना जाएगा। मोदी का मंत्र है- जो जितना पिछड़ा, उसे उतनी ज्यादा प्राथमिकता।
अपने लोकसभा क्षेत्र वाराणसी के 51वें दौरे पर, प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी-भदोही मार्ग और छितौनी-शूल टंकेश्वर मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ मोहन सराय-अदलपुरा मार्ग पर भीड़भाड़ कम करने के लिए हरदत्तपुर में रेलवे ओवरब्रिज का उद्घाटन किया। उन्होंने दालमंडी, लहरतारा-कोटवा, गंगापुर, बाबतपुर सहित कई ग्रामीण और शहरी गलियारों में व्यापक सड़क चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण तथा लेवल क्रॉसिंग 22सी और खालिसपुर यार्ड पर रेलवे ओवरब्रिज की आधारशिला रखी।
![]()
