टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर और ओवल मैदान के मुख्य क्यूरेटर ली फोर्टिस के बीच तीखी बहस हो गई और गंभीर को मैदानकर्मियों की ओर ऊंगली उठाकर ये कहते सुना गया, तुम नहीं बताओगे कि हमें क्या करना है। ओवल पर भारत और इंग्लैंड के बीच गुरुवार से पांचवां और आखिरी टेस्ट खेला जाएगा। मैनचेस्टर में चौथे टेस्ट में हार की कगार पर पहुंचकर ड्रॉ कराने वाली भारतीय टीम ने दो दिन पहले अभ्यास शुरू कर दिया है। अभ्यास सत्र के दौरान गंभीर और क्यूरेटर के बीच की बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। भारत के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक को बीच बचाव करना पड़ा था। ये बहस तब शुरू हुई जब फोर्टिस ने गंभीर से कहा कि, मुझे इसकी शिकायत करनी होगी। और इस पर भारतीय मु्ख्य कोच ने तीखे तेवर दिखाते हुए जवाब दिया। आपको जो शिकायत करनी है, आप जाकर कर सकते हैं। बल्लेबाजी कोच कोटक ने बीच बचाव किया और फोर्टिस को दूसरे कोने पर ले जाकर उनसे लंबी बात करी। कोटक ने इस दौरान कहा कि, हम किसी चीज को नुकसान नहीं पहुंचाएंगे। मोर्ने मोर्कल और रियान टेन डोइशे जैसे भारतीय टी के अन्य सहयोगी स्टाफ दोनों की बहस को ध्यान से सुन रहे थे। ये हालांकि स्पष्ट नहीं था कि दोनों के बीच बहस क्यों हुई। गंभीर और फोर्टिस अभ्यास के लिए पिचों के स्थिति को लेकर बहस कर रहे थे। गंभीर फिर फोर्टिस की तरफ मुडे और उन्होंने कहा कि, तुम नहीं बताओगे कि हमें क्या करना है। तुम मैदानकर्मियों में एक हो, उसस ज्यादा कुछ नहीं। इसके बाद फोर्टिस और गंभीर अलग-अलग रास्ते चले गए लेकिन गंभीर अभ्यास सत्र के लिए लौटे। फोर्टिस ने मैदान से बाहर निकलते समय कहा कि, ये बड़ा मैच है और वह थोड़े भावुक हैं। अभ्यासके लिए सबसे पहले साई सुदर्शन पहुंचे जबकि बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव को भी अभ्यास करते देखा गया। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह भी मोर्केल की देखरेख में गेंदबाजी अभ्यास करते देखे गए।

यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) में 1 अगस्त से कई बदलाव होने वाले हैं। ये नए बदलाव उपयोगकर्ताओं, व्यापारियों और बैंकों पर असर डालेंगे। यूपीआई का नियामक प्राधिकरण, भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI), देश में प्रमुख रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले इस डिजिटल भुगतान प्लेटफ़ॉर्म में कई नियामक बदलावों की घोषणा करने वाला है। नए बदलावों से UPI को और अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने, इसकी विश्वसनीयता, सहजता और विशेष रूप से व्यस्त समय के दौरान व्यवधानों से मुक्त होने की संभावना है।

यह बदलाव यूपीआई में आई बड़ी रुकावटों 12 अप्रैल और 26 मार्च के बाद आए हैं, जो महज़ 2-3 महीनों के अंतराल में हुई थीं। गौरतलब है कि इन रुकावटों का असर करोड़ों उपयोगकर्ताओं पर पड़ा क्योंकि इनसे करोड़ों रुपये के लेन-देन बाधित हुए। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के हालिया नोट, “ग्रोइंग रिटेल डिजिटल पेमेंट्स: द वैल्यू ऑफ इंटरऑपरेबिलिटी” के अनुसार, भारत का यूपीआई रीयल-टाइम भुगतान तकनीक क्षेत्र में एक वैश्विक नेता के रूप में उभरा है। UPI ने वीज़ा को पीछे छोड़ दिया है, जो दुनिया की अन्य भुगतान प्रणालियों के बीच अपने प्रभुत्व का प्रतीक है। आईएमएफ ने आगे कहा कि यूपीआई भारत के लगभग 85 प्रतिशत डिजिटल भुगतानों को संचालित करता है, जबकि वैश्विक भुगतानों में इसका योगदान लगभग 60 प्रतिशत है।

UPI उपयोगकर्ता अब अपने खाते की शेष राशि प्रतिदिन अधिकतम 50 बार ही देख पाएँगे, जबकि पहले यह सीमा असीमित थी।

NPCI ने UPI ऑटोपे लेनदेन के लिए निश्चित समय-सीमा भी तय की है। सब्सक्रिप्शन, EMI और उपयोगिता बिलों सहित भुगतान अब दिन भर में अनियमित समय पर संसाधित नहीं होंगे। ये केवल निर्धारित समय-सीमा के दौरान ही किए जाएँगे।

ये बदलाव ग्राहकों को सीधे तौर पर प्रभावित नहीं करेंगे क्योंकि उनके ऑटो-भुगतान सामान्य रूप से संसाधित होते रहेंगे।

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