अरशद नदीम ने पेरिस ओलंपिक में 92.97 मीटर की छलांग लगाकर इतिहास रच दिया और डेनमार्क के एंड्रियास थोरकिल्डसन द्वारा 2008 में बनाए गए ओलंपिक रिकॉर्ड को तोड़ दिया। रजत पदक जीतने वाले गत विजेता नीरज चोपड़ा पर उनकी जीत पाकिस्तान के लिए बेहद गर्व की बात थी। सरकार, राज्य के अधिकारियों और सार्वजनिक संस्थाओं ने नदीम को नकद पुरस्कार, ज़मीन के प्लॉट और विभिन्न सम्मानों सहित ढेरों इनाम देने का वादा किया।
हालांकि, एक साल बाद, नदीम ने जियो टीवी से बात करते हुए खुलासा किया, “मेरे लिए जितने भी इनामों की घोषणाएँ की गईं, उनमें से सभी प्लॉट की घोषणाएँ फ़र्ज़ी थीं, जो मुझे नहीं मिलीं। इसके अलावा, मुझे घोषित सभी नकद पुरस्कार मिल चुके हैं।” इस निराशा के बावजूद, नदीम अपने खेल पर केंद्रित हैं। 28 वर्षीय भाला फेंक खिलाड़ी ने युवा एथलीटों को प्रशिक्षित करने और उनका मार्गदर्शन करने के प्रति अपने समर्पण पर ज़ोर दिया।उन्होंने कहा, “मेरा पूरा ध्यान खुद पर है, लेकिन इसके अलावा, हम प्रशिक्षण के लिए आने वाले किसी भी युवा को प्रशिक्षित करते हैं, और यह प्रशिक्षण मेरे कोच सलमान बट द्वारा दिया जाता है।” गौरतलब है कि नदीम के ओलंपिक गौरव तक के सफ़र को किसी ख़ास संस्थागत सहायता का समर्थन नहीं मिला, जिससे उनकी उपलब्धि और भी उल्लेखनीय हो जाती है। आगामी 16 अगस्त को सिलेसिया डायमंड लीग में होने वाला मुकाबला पेरिस ओलंपिक के अविस्मरणीय मुकाबले के बाद अरशद और नीरज के बीच पहला मुकाबला हो सकता है।
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