अध्यक्षीय उद्बोधन में उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि शासकीय प्रशासकीय प्रयास ही काफी नहीं है जब तक कि जल संचय कृत्रिम पुनर्भरण संरचना को जन-जन तक पहुंचाया न जाए। इस हेतु उन्होंने विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, स्कूलों के सभी छात्रों को जागरुक किए जाने की आवश्यकता पर बल देते हुए सब की सहभागिता को अनिवार्य बताया। कुलपति प्रोफेसर सत्काम ने कहा कि मुक्त विश्वविद्यालय जल पुनर्भरण संरचना पर डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाएगा जिसे पूरे प्रदेश में छात्रों, अभिभावकों स्कूलों, कॉलेजो, विश्वविद्यालयो, किसानों, व्यवसायियों, उद्योगपतियों के बीच एक मुहिम के साथ डॉक्यूमेंट्री फिल्म दिखाई जाएगी। कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि जल ही जीवन है। जल है तो कल है। उन्होंने कहा कि भूगोल ही नहीं अन्य विषयों में भी शिक्षकगण जल संकट व जल पुनर्भरण का प्रोजेक्ट अपने छात्रों से बनवाएं और उस पर अंक निर्धारित किये जायें, जिससे छात्र घर-घर जाकर जल पुनर्भरण संरचना का प्रचार प्रसार के साथ जनजागरूकता,जल के प्रति जन चेतना जागृत कर सके।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. त्रिविक्रम तिवारी तथा वाचिक स्वागत प्रोफेसर संजय कुमार सिंह ने किया । आभार ज्ञापन कार्यक्रम निदेशक प्रोफेसर एस कुमार ने किया । कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य वक्ता प्रोफेसर ए आर सिद्दीकी एवं कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं मॉ सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पण से हुई। उसके उपरांत योग शिक्षक निकेत द्वारा विश्वविद्यालय के कुलगीत का प्रस्तुतीकरण किया गया।
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