करछना बवाल में कार्रवाई के नाम पर सरकार निर्दोषों को फंसा रही है। मामले की एक उच्च स्तरीय कमेटी द्वारा निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। जेल में बवाल के आरोप में बंद लोगों को पार्टी विधिक सहायता प्रदान करेंगी। उक्त बातें कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने शनिवार को जिला जेल में बवाल के बंद आरोपियों से मुलाकात करने के बाद कहीं।उनके साथ बाराबंकी के सांसद तनुज पुनिया और प्रयागराज के सांसद उज्जवल रमण सिंह मौजूद थे। मुलाकात के पहले प्रदेश अध्यक्ष के काफिले को जेल के मुख्य गेट पर रोक दिया गया, कुछ देर विवाद के बाद जेल प्रशासन ने सांसद और प्रदेश अध्यक्ष को अंदर जाने दिया। बता दें कि करछना थाना क्षेत्र के भड़ेवरा में बीते 29 जून रविवार को हुए बवाल के दौरान उपद्रवियों द्वारा चक्काजाम, पुलिस की गाड़ियों व बाइक में आगजनी पथराव व दुकानों में तोड़फोड़ की गई थी।
मामले में करछना पुलिस ने 54 नामजद और 550 अज्ञात के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। मामले में पुलिस ने आरोपियों को जेल भेजा था। शनिवार को उनसे मिलने के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के साथ प्रयागराज व बाराबंकी के सांसद पहुंचे। जेल के अंदर मुलाकात के बाद बाहर निकलकर मीडिया से बात करते हुए प्रदेश सरकार ने सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाया। कहा कि सरकार दलितों को प्रताड़ित करने का काम कर रही है।
घटना में निर्दोषों को पुुलिस ने घरों से उठाकर जेल भेज दिया है। गरीब दलितों को फर्जी केस में फंसाया गया है। मामले की उच्च स्तरीय जांच की जानी चाहिए। उन्होंने पीड़ित परिवारों को पार्टी की ओर से विधिक सहायता प्रदान करने की बात कही। सांसद प्रयागराज उज्ज्वल रमण सिंह ने कहा कि सरकार डरी सहमी हुई है और लोगों को फंसा रही है, बदलें की भावना से काम कर रही हैं। यह सरकार दलित विरोधी सरकार हैं, बवाल की गहनता के साथ जांच कराकर निर्दोष लोगों को मुक्त किया जाना चाहिए।
प्रदेश में कांग्रेस अकेले लड़ेगी जिला पंचायत चुनाव
करछना बवाल के आरोपियों से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने प्रदेश में पंचायत चुनाव अकेले लड़ने की बात कही। कहा कि जिला पंचायत का चुनाव पार्टी अकेले लड़ेगी, इसकी तैयारियां शुरू हो गई है। हमारा प्रदेश संगठन चुनाव को लेकर तैयार है। बिहार चुनाव की बात में उन्होंने कहा कि चुनाव की तैयारियां पूरी हैं। वहीं सांसद चंद्रशेखर द्वारा बवाल के आरोपियों को पार्टी से कोई लेना देना नहीं है के बयान में उन्होंने कहा कि उन्हें पीड़ितों के साथ खड़ा होना चाहिए था।