इस कार्यक्रम का उद्देश्य योग के माध्यम से राष्ट्रीय एकीकरण, स्वास्थ्य एवं कल्याण के प्रति लोगों को प्रेरित करना, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जागरूकता और सुलभता के माध्यम से योग के लाभ का प्रोत्साहन सुनिश्चित करना हैI
कार्यक्रम के वक्ता श्री पी.के.ओझा द्वारा योग की प्रासंगिकता, योग के महत्व पर विस्तृत रूप से अपनी बात सब के सामने रखी गयीI महर्षि पतंजलि के “चित्तवृत्त निरोध“ की बात पर प्रकाश डालते हुए वाचक महोदय ने मन की चंचलता को रोकने में योग को महत्वपूर्ण साधन बताया I संगोष्ठी में योग के कई मुद्राओं जैसे सूर्य नमस्कार, प्राणायाम एवं अन्य उप मुद्राओं का जीवन में महत्व को भी श्री पी.के.ओझा द्वारा बताया गयाI इस कार्यक्रम में योग और चित के परस्पर सम्बन्ध पर भी चर्चा की गईI
योग को भारतीय प्राचीन संस्कृति की विश्व समुदाय को अनुपम भेँट बताते हुए तथा पूरे विश्व को प्रेरित करने में इसकी महत्ता पर चर्चा योग वाचक द्वारा की गईI
यह सम्पूर्ण कार्यक्रम प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी, उत्तर मध्य रेलवे महोदय के निर्देशन में संचालित किया गया। इस अवसर पर उत्तर मध्य रेलवे के सभी विभागों के कर्मचारीगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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